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झारखंड की अदिति ने बनाया मेन्सट्रूपीडिया, देगा पीरियड्स की जानकारी
डिजिटल टीम/अमर उजाला
Updated Thu, 05 May 2016 07:54 AM IST
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अदिति एवं तुहीन
- फोटो : hersaga.com
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जमाना चाहे कितना भी एडवांस हो गया है लेकिन पीरियड्स पर लोग अभी भी खुलकर बात करने से कतराते हैं। खासकर लड़कियां इस बारे में जिक्र तक करने से झिझकती हैं। ऐसे में इससे जुड़ी समस्याओं को सुलझा पाना काफी कठिन हो जाता है। मासिक धर्म की इन्हीं समस्याओं को न सिर्फ महिलाओं बल्कि अन्य लोगों के सामने लाने के लिए झारखंड की अदिति गुप्ता ने मेन्सट्रूपीडिया की शुरुआत की है।
अक्टूबर 2012 में मेन्सट्रूपीडिया वेबसाइट को लॉन्च किया गया था। इसके जरिए अदिति ने महिलाओं एवं युवतियों को मासिक धर्म के समय अपने स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखने के अनोखे तरीके बताए हैं। इसके साथ ही इस वेबसाइट पर महिलाएं मासिक धर्म से जुड़े सवाल भी कर सकती हैं।
इसके अलावा इसमें एक अलग मेन्सट्रूपीडिया ब्लॉग भी है जिसपर कोई भी महिला मासिक धर्म से जुड़ी अपनी कहानियां एवं अनुभव शेयर कर सकती हैं।
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अक्टूबर 2012 में मेन्सट्रूपीडिया वेबसाइट को लॉन्च किया गया था। इसके जरिए अदिति ने महिलाओं एवं युवतियों को मासिक धर्म के समय अपने स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखने के अनोखे तरीके बताए हैं। इसके साथ ही इस वेबसाइट पर महिलाएं मासिक धर्म से जुड़े सवाल भी कर सकती हैं।
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इसके अलावा इसमें एक अलग मेन्सट्रूपीडिया ब्लॉग भी है जिसपर कोई भी महिला मासिक धर्म से जुड़ी अपनी कहानियां एवं अनुभव शेयर कर सकती हैं।
अदिति
- फोटो : hersaga.com
अदिति गुप्ता ने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन (एनआईडी) में पढ़ने के दौरान अपने खास दोस्त तुहीन पाल के साथ मिलकर मेन्सट्रूपीडिया परियोजना की शुरुआत की थी। खुद मासिक धर्म के समय कई तरह की पीड़ा से गुजरने वाली अदिति ने यह निश्चय कर लिया था कि वह अन्य महिलाओं को इन समस्याओं एवं उनके समाधानों से रुबरू करवाएगी।
अदिति ने महिलाओं को इस विषय पर जागरूक करने के लिए एक विशेष कॉमिक्स का भी निर्माण किया है। अदिति ने बताया कि इस कॉमिक्स को रांची, अहमदाबाद, गांधीनगर और महसाना के स्कूलों में दिखाया गया है जहां पर न केवल शिक्षकों बल्कि छात्राओं एवं उनके अभिभावकों ने भी इसकी जमकर प्रशंसा की है। यह कॉमिक्स 7 भाषाओं में देश के 30 स्कूलों में उपलब्ध है।
अगस्त 2013 से अदिति अपनी नौकरी छोड़कर पूरी तरह से मेन्सट्रूपीडिया पर काम कर रही है। अरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी से कम्प्यूटर में पोस्ट ग्रेजुएट रजत मित्तल 2013 में मेन्सट्रूपीडिया के साथ जुड़े। आज मेन्सट्रूपीडिया महिलाओं में एक प्रचलित वेबसाइट बन गई है।
अदिति ने महिलाओं को इस विषय पर जागरूक करने के लिए एक विशेष कॉमिक्स का भी निर्माण किया है। अदिति ने बताया कि इस कॉमिक्स को रांची, अहमदाबाद, गांधीनगर और महसाना के स्कूलों में दिखाया गया है जहां पर न केवल शिक्षकों बल्कि छात्राओं एवं उनके अभिभावकों ने भी इसकी जमकर प्रशंसा की है। यह कॉमिक्स 7 भाषाओं में देश के 30 स्कूलों में उपलब्ध है।
अगस्त 2013 से अदिति अपनी नौकरी छोड़कर पूरी तरह से मेन्सट्रूपीडिया पर काम कर रही है। अरिजोना स्टेट यूनिवर्सिटी से कम्प्यूटर में पोस्ट ग्रेजुएट रजत मित्तल 2013 में मेन्सट्रूपीडिया के साथ जुड़े। आज मेन्सट्रूपीडिया महिलाओं में एक प्रचलित वेबसाइट बन गई है।
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