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घंटों पढ़ने की आदत ने दिलाई सफलता
Updated Tue, 02 Sep 2014 02:09 PM IST
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इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) द्वारा मई-जून, 2014 में आयोजित इंटीग्रेटेड प्रोफेशनल कंपीटेंसी (आईपीसी) परीक्षा में उत्तर प्रदेश के हापुड़ के रोहित जैन ने स्थान पक्का कर लिया है। अपनी मेहनत और लगन के बल पर उन्होंने यह कामयाबी हासिल की है। रोहित का मानना है कि सच्चे मन से कुछ भी करने पर सफलता अवश्य मिलती है। आईसीएआई के आईपीसी एग्जाम में 1,21,855 परीक्षार्थी बैठे थे, जिनमें 16,878 उत्तीर्ण घोषित किए गए हैं। इसमें रोहित ने 40वां स्थान प्राप्त किया है। पेश है, उनसे की गई बातचीत के खास अंश:
आपको इतनी बड़ी सफलता की उम्मीद थी?
सफलता बड़ी या छोटी नहीं होती है। सच तो यह है कि आईपीसी परीक्षा को देश की मुश्किल परीक्षाओं की श्रेणी में ही रखा जा सकता है। मेरी तैयारी पूरी थी और मन में यही था कि बस चयन हो जाए। टॉप रैंक के बारे में तो कभी सोचा भी नहीं था। ऐसे में 40वीं रैंक पाकर मैं बेहद खुश हूं।
आईपीसी का पैटर्न क्या होता है?
आईपीसी से संबंधित परीक्षा इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित की जाती है। कॉमर्स स्ट्रीम के विद्यार्थी इस परीक्षा में भाग ले सकते हैं। परीक्षा के दो ग्रुप होते हैं। ग्रुप एक में 4 विषय होते हैं और ग्रुप दो में 3 विषय शामिल होते हैं। सातों विषय के पेपर साथ-साथ देने होते हैं और रिजल्ट आने पर टॉप 50 विद्यार्थियों को रैंक दी जाती है।
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इसके लिए आपने जो तैयारी की, उसके बारे में जानकारी दें?
सेल्फ स्टडी पर मैंने काफी बल दिया, क्योंकि किसी भी परीक्षा की तैयारी का यह मूलमंत्र है। बीकॉम की पुस्तकों से तैयारी में काफी मदद मिली। इसके अलावा मैंने हापुड़ के श्रीकृष्णा अकादमी ऑफ कॉमर्स से कोचिंग ली और इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया से निकलने वाले मासिक जर्नल से भी गाइडेंस ली। हां, मैंने पढ़ाई के लिए कोई प्रॉपर टाइम तय नहीं किया था, लेकिन दिन में कई घंटे पढ़ाई में बीतते थे। तैयारी के दौरान मैं जितनी भी देर पढ़ता था, सिर्फ पढ़ता ही था। वैसे भी यह मेरी आदत है।
अपनी शैक्षणिक पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी दें?
मैंने एसडीए सीनियर सेकंडरी स्कूल से 90 प्रतिशत अंकों के साथ 10वीं की परीक्षा पास की और फिर एसडीए सीनियर सेकंडरी स्कूल से ही 89 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं परीक्षा पास की। अभी मैं सीसीएस यूनिवर्सिटी, मेरठ से बीकॉम ऑनर्स कर रहा हूं।
पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिले, इस मामले में परिवार की ओर से किस तरह का सहयोग मिला?
परिवार की ओर से बहुत अच्छा सहयोग रहा, जो हमेशा मेरे फैसले में मेरे साथ खड़ा रहा। सभी के प्यार और आशीर्वाद से इतनी बड़ी सफलता मिली। मेरे पापा बिजनेसमैन हैं और हमेशा मुझे कई प्रैक्टिकल बारीकियां समझाते रहते हैं।
इस क्षेत्र से संबंधित तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को क्या सलाह देना चाहेंगे?
आईपीसी की राह आसान नहीं है। इसलिए तैयारी के दौरान अपना आत्मविश्वास बनाएं रखें। विषय को गहराई से समझने की कोशिश करें और समझौते न करें। शेड्यूल बनाएं, खुद नोट्स बनाएं, अच्छी और विश्वसनीय पुस्तकों की मदद लें। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के दिशानिर्देशों को फॉलो करना सफलता के दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण होता है।
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आपको इतनी बड़ी सफलता की उम्मीद थी?
सफलता बड़ी या छोटी नहीं होती है। सच तो यह है कि आईपीसी परीक्षा को देश की मुश्किल परीक्षाओं की श्रेणी में ही रखा जा सकता है। मेरी तैयारी पूरी थी और मन में यही था कि बस चयन हो जाए। टॉप रैंक के बारे में तो कभी सोचा भी नहीं था। ऐसे में 40वीं रैंक पाकर मैं बेहद खुश हूं।
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आईपीसी का पैटर्न क्या होता है?
आईपीसी से संबंधित परीक्षा इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित की जाती है। कॉमर्स स्ट्रीम के विद्यार्थी इस परीक्षा में भाग ले सकते हैं। परीक्षा के दो ग्रुप होते हैं। ग्रुप एक में 4 विषय होते हैं और ग्रुप दो में 3 विषय शामिल होते हैं। सातों विषय के पेपर साथ-साथ देने होते हैं और रिजल्ट आने पर टॉप 50 विद्यार्थियों को रैंक दी जाती है।
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इसके लिए आपने जो तैयारी की, उसके बारे में जानकारी दें?
सेल्फ स्टडी पर मैंने काफी बल दिया, क्योंकि किसी भी परीक्षा की तैयारी का यह मूलमंत्र है। बीकॉम की पुस्तकों से तैयारी में काफी मदद मिली। इसके अलावा मैंने हापुड़ के श्रीकृष्णा अकादमी ऑफ कॉमर्स से कोचिंग ली और इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया से निकलने वाले मासिक जर्नल से भी गाइडेंस ली। हां, मैंने पढ़ाई के लिए कोई प्रॉपर टाइम तय नहीं किया था, लेकिन दिन में कई घंटे पढ़ाई में बीतते थे। तैयारी के दौरान मैं जितनी भी देर पढ़ता था, सिर्फ पढ़ता ही था। वैसे भी यह मेरी आदत है।
अपनी शैक्षणिक पृष्ठभूमि के बारे में जानकारी दें?
मैंने एसडीए सीनियर सेकंडरी स्कूल से 90 प्रतिशत अंकों के साथ 10वीं की परीक्षा पास की और फिर एसडीए सीनियर सेकंडरी स्कूल से ही 89 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं परीक्षा पास की। अभी मैं सीसीएस यूनिवर्सिटी, मेरठ से बीकॉम ऑनर्स कर रहा हूं।
पढ़ाई के लिए बेहतर माहौल मिले, इस मामले में परिवार की ओर से किस तरह का सहयोग मिला?
परिवार की ओर से बहुत अच्छा सहयोग रहा, जो हमेशा मेरे फैसले में मेरे साथ खड़ा रहा। सभी के प्यार और आशीर्वाद से इतनी बड़ी सफलता मिली। मेरे पापा बिजनेसमैन हैं और हमेशा मुझे कई प्रैक्टिकल बारीकियां समझाते रहते हैं।
इस क्षेत्र से संबंधित तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को क्या सलाह देना चाहेंगे?
आईपीसी की राह आसान नहीं है। इसलिए तैयारी के दौरान अपना आत्मविश्वास बनाएं रखें। विषय को गहराई से समझने की कोशिश करें और समझौते न करें। शेड्यूल बनाएं, खुद नोट्स बनाएं, अच्छी और विश्वसनीय पुस्तकों की मदद लें। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के दिशानिर्देशों को फॉलो करना सफलता के दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण होता है।
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