साइंस में डॉक्टरेट की उपाधि लेने वाली पहली भारतीय महिला को गूगल का सम्मान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सन 1920 और 1930 के समय में जब महिलाओं का बाहर निकलकर पढ़ना ही मुश्किल होता था उस समय आशिमा चटर्जी ने केमिस्ट्री जैसे विषय में महारत हासिल की। उस समय किसी भारतीय महिला का केमिस्ट्री पढ़ना किसी से शायद ही सुना हो। डॉ. आशिमा चटर्जी ने न केवल ऑरगैनिक केमिस्ट्री में अंडरग्रेजुएट की डिग्री प्राप्त की बल्कि साइंस में डॉक्टरेट की उपाधि पाने वाली पहली भारतीय महिला बनी।
पढ़ेंः एक चिट्ठी ने बदली इस खिलाड़ी की जिंदगी, अब है भारतीय टीम का हिस्सा
डॉ. आशिमा चटर्जी को मिला पद्म भूषण पुरस्कार
गूगल ने डूडल बनाकर साइंस में डॉक्टरेट की उपाधि हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला के 100वें जन्मदिवस पर उनको सम्मान प्रदान किया है। डॉ. आशिमा चटर्जी का जन्म 23 सितंबर 1917 में हुआ था। उन्होंने अपने करियर में एपीलेप्सि और मलेरिया जैसी बीमारियों से निपटने की दवाइयों पर रिसर्च किया। उन्होंने vinca alkaloids की खोज की जो कि पौधों से बनती है और इसका इस्तेमाल केमोथैरेपी ट्रीटमेंट के लिए किया जाता है। डॉ. आशिमा चटर्जी को भारत सरकार ने पद्म भूषण पुरस्कार से नवाजा था।
कमेंट
कमेंट X