चार दोस्तों का कमाल, ऑनलाइन बाइक सर्विस से कमा रहे लाखों
- चार दोस्तों ने चार महीने पहले शुरू की थी ये कोशिश, रंग लाई।
- बाइक सही करवाने के लिए सर्विस सेंटर जाने का झंझट खत्म।
- विश्वसनीय टेक्नीशियन रखेंगे आपकी बाइक का ख्याल।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जो एक सपना बन कर शुरू हुआ था वो आज हकीकत है। ये कहानी है बिट्स पिलानी में पढ़े चार लोगों की जिन्होंने Gear6.in के नाम से खुद की एक ऑनलाइन बाइक सर्विज और रिपयेर साइट शुरू की है।
ये कंपनी नवंबर 2015 में चार लोगों द्वारा शुरू की गई थी, राकेश वदादी, हर्षा चैतन्य, कुमुद कुमार और श्रीकांत नेलाकुडिति। अब इस टीम में कुल 30 सदस्य हैं। जनवरी से अपना काम शुरू करने वाली इस कंपनी का दावा है कि इस शुरुआती स्टेज पर भी उन्हें एक महीने में 500 तक ऑडर आ जाते हैं।
आपकी बाइक की पूरी मेंटेनेंस की देखरेख करने के विचार से बनाई गई ये साइट कोशिश करती है कि ग्राहकों को ऑनलाइन ही सारी समस्याओं के हल मिल जाएं, वो भी कम पैसे में। साथी ही इसमें ग्राहकों के लिए सारी जरूरी जानकारी है ताकि वे अपनी बाइक को लेकर सही फैसले लें।
घर आकर टेक्नीशियन ले जाता है बाइक
अपनी बाइक सर्विस कराने के लिए ग्राहक को गियर6.इन के एक टेक्नीशियन को अपने घर बुलाना होगा और वे स्थिति की जांच कर समाधान निकालेगा। फिलहाल इसकी वेबसाइट और एंड्रायड ऐप ही है लेकिन आईओएस के लिए भी जल्द ही लॉन्च की जाएगी। ग्राहक अपने मुताबिक तारीक और समय तय कर सकते हैं। राकेश ने बताया कि फिलहाल वीकेंड पर खूब मांग रहती है।
टेक्नीशियन घर आकर जांच करता है, तस्वीरें और जरूरी नोट्स लेता है औऱ फिर उन मुद्दों को निपटा रहे मालिक के साथ सारे अरेंजमेंट करता है। अगर गाड़ी में ज्यादा बड़ी खराबी है तो वो टो कर के उस सर्विस सेंटर ले जाता है जो ग्राहक चुनता है।
अगर गाड़ी में मामूली दिक्कत हो तो टेक्नीशियन खुद गाड़ी चला कर उस सेंटर तक ले जाता है।
पूरी पड़ताल के बाद चुने जाते हैं टेक्नीशियन
ग्राहकों को अपनी गाड़ी ट्रैक करने के लिए ट्रैकिंग सिस्टम दिया जाता है ताकि उन्हें पता रहे कि उनकी गाड़ी कहां जा रही है। एक बार गाड़ी की सर्विस हो जाए तो उसे ग्राहक को लौटा दिया जाता है। पेमेंट ऑनलाइन और कैश, दोनों में कर सकते हैं।
ये स्टार्टअप बेंगलूरू से शुरु हुआ और पूरे शहर में फैला हुआ है। 100से भी ज्यादा अधिकृत सर्विस सेंटरों से इनका टाई-अप है। फिलहाल ये कंपनी सिर्फ अपने ग्राहकों से ट्रास्पोर्ट और गाड़ी लाले की फीस चार्ज करती है। सर्विस सेंटरों से अभी कोई पैसा नहीं लेती। आगे इनका लक्ष्या है कि और भी शहरों तक अपनी कंपनी का विस्तार करें और सिर्फ बाइक ही नहीं, कार औऱ साइकिल की भी सेवाएं दे पाएं।
राकेश बताते हैं कि जो टेक्नीशियन रखे जाते हैं उनकी पूरी जांच पड़तालव होती है। पुलिस वेरिफिकेशन से लेकर सात दिन की ट्रेनिंग तक। इसमें लिखित और प्रैक्टिकल टेस्ट भी होते हैं।
जिस कदर लोगों के बीच बाइक औऱ कार की डिमांड और खरीद बढ़ रही है, उस हिसाब से ये सेक्टर और बिजनेस बहुत आगे तक जाएगा। जाहिर है, इतना चलने के बाद गाड़ी खराब होती ही है। साथ थी समय समय पर उसकी सर्विसिंग कराना जरूरी होता है।
ऐसे में घर बैठे कोई आपकी सेवा कर दे और आफको दूर तक न जाना पड़े तो क्या बुरा है। देखते हैं, ये वेबसाइट कितना आगे जाती है और दूसरे शहरों में कब तक पहुंचती है।
कमेंट
कमेंट X