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JEE एडवांस के 5 टॉपर्स...जो खुद बता रहे हैं अपनी सफलता का राज, काम आएंगे टिप्स
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Sun, 17 Jun 2018 09:53 AM IST
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ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम (जेईई) एडवांस के 5 ऐसे टॉपर्स, जिन्होंने खुद अपनी सफलता का राज खोला। जेईई एडवांस का रिजल्ट शनिवार को आईआईटी कानपुर ने जारी कर दिया।
रिजल्ट में चंडीगढ़ के प्रणव गोयल ने जहां ऑल इंडिया फर्स्ट रैंक हासिल कर देशभर में चंडीगढ़ का नाम रोशन कर दिया। वहीं, ट्राइसिटी के चार और स्टूडेंट्स ने टॉप 100 में जगह बनाई है। इसमें नील आर्यन गुप्ता ने 10वीं, तारूष गोयल ने 16वीं, अनीश गर्ग ने 52वीं और पावस गोयल ने 90वीं रैंक हासिल की है।
ट्राइसिटी में टॉप-100 में जगह बनाने वाले इन सभी स्टूडेंट्स की पहली पसंद आईआईटी मुंबई है। जेईई एडवांस में पास होने वाले छात्र अब 23 आईआईटी, 31 एनआईटी, 23 आईआईआईटी और 23 जीएफटीआई में एडमिशन ले सकेंगे।
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रिजल्ट में चंडीगढ़ के प्रणव गोयल ने जहां ऑल इंडिया फर्स्ट रैंक हासिल कर देशभर में चंडीगढ़ का नाम रोशन कर दिया। वहीं, ट्राइसिटी के चार और स्टूडेंट्स ने टॉप 100 में जगह बनाई है। इसमें नील आर्यन गुप्ता ने 10वीं, तारूष गोयल ने 16वीं, अनीश गर्ग ने 52वीं और पावस गोयल ने 90वीं रैंक हासिल की है।
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ट्राइसिटी में टॉप-100 में जगह बनाने वाले इन सभी स्टूडेंट्स की पहली पसंद आईआईटी मुंबई है। जेईई एडवांस में पास होने वाले छात्र अब 23 आईआईटी, 31 एनआईटी, 23 आईआईआईटी और 23 जीएफटीआई में एडमिशन ले सकेंगे।
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पढ़ाई के लिए रोक दी सर्जरी, हासिल की ऑल इंडिया 10वीं रैंक
टॉपर नील आर्यन गुप्ता
अगर इरादे मजबूत हों तो सफल होने से कोई नहीं रोक सकता। यह साबित कर दिखाया जेईई एडवांस में 10वीं रैंक हासिल करने वाले नील आर्यन गुप्ता ने। उन्होंने बताया कि वह फिस्टूला नामक बीमारी से पीड़ित थे और उन्हें बैठने में समस्या हो रही थी।
पीजीआई के डॉक्टरों ने सर्जरी के लिए कहा लेकिन उन्होेंने सर्जरी नहीं करवाई और दवाईयों का सेवन कर पढ़ाई पर ध्यान दिया। उन्होंने बताया कि आठ घंटे की स्टडी के बाद यह उपलब्धि हासिल की है। पिता शंकर गुप्ता प्रापर्टी डीलर हैं। मां रेनु गुप्ता ओरिएंटल इश्योरेंस बैंक में सीनियर ब्रांच मैनेजर हैं।
नील आर्यन गुप्ता बताया कि उन्होंने दसवीं की पढ़ाई मानव मंगल स्कूल पंचकूला से की है जबकि बारहवीं गुरु गोबिंद सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल-35 से की है। बताया कि रेगुलर स्टडी और परिश्रम ही सफलता का मंत्र है। बता दें कि नील आर्यन ने जईई मेन की परीक्षा में 182वीं रैंक हासिल की थी। खाली समय में वह वीडियो गेम्स और टीवी देखते थे।
पीजीआई के डॉक्टरों ने सर्जरी के लिए कहा लेकिन उन्होेंने सर्जरी नहीं करवाई और दवाईयों का सेवन कर पढ़ाई पर ध्यान दिया। उन्होंने बताया कि आठ घंटे की स्टडी के बाद यह उपलब्धि हासिल की है। पिता शंकर गुप्ता प्रापर्टी डीलर हैं। मां रेनु गुप्ता ओरिएंटल इश्योरेंस बैंक में सीनियर ब्रांच मैनेजर हैं।
नील आर्यन गुप्ता बताया कि उन्होंने दसवीं की पढ़ाई मानव मंगल स्कूल पंचकूला से की है जबकि बारहवीं गुरु गोबिंद सिंह सीनियर सेकेंडरी स्कूल-35 से की है। बताया कि रेगुलर स्टडी और परिश्रम ही सफलता का मंत्र है। बता दें कि नील आर्यन ने जईई मेन की परीक्षा में 182वीं रैंक हासिल की थी। खाली समय में वह वीडियो गेम्स और टीवी देखते थे।
हर विषय को समझकर पढ़ा, कमजोर विषय पर किया अधिक फोकस
टॉपर तारुष
जेईई एडवांस की परीक्षा में ऑल इंडिया 16वीं रैक हासिल करने वाले चंडीगढ़ के चैतन्य इंस्टीट्यूट के छात्र तारूष ने बताया कि वह हर विषय को समझकर पढ़ते थे। इसमें वक्त अधिक लगता था लेकिन कांसेप्ट क्लीयर हो जाता था।
उन्होंने कहा कि मैथ्स, फिजिक्स पर तो उनकी अच्छी पकड़ है लेकिन केमिस्ट्री थोड़ी मुश्किल लगती थी इसलिए मैंने केमिस्ट्री पर ज्यादा ध्यान दिया। इस कारण मुझे सफलता मिली है। मैं स्कूल के बाद रोजाना छह घंटे की पढ़ाई करता था और वीकेंड पर दो साल तक 12 घंटे की पढ़ाई की है।
तारूष ने दसवीं में 97.8 और 12वीं में 96.4 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। इसके अलावा तारूष ने एनटीएसी में पंजाब में टॉप किया था। वहीं ब्राजील में हुए मैथमेटिक्स ओलंपियाड में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया था। तारूष ने कहा कि मैथमेटिक्स ओलंपियाड में देश का प्रतिनिधित्व करना गर्व की बात है।
तारूष आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करना चाहते हैं। तारूष ने बताया कि उनके माता-पिता दोनों सरकारी अस्पताल में डॉक्टर हैं। सारी व्यस्तताओं के बावजूद उन्होंने मुझे पूरा समय दिया और हमेशा बेहतर करने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि मैथ्स, फिजिक्स पर तो उनकी अच्छी पकड़ है लेकिन केमिस्ट्री थोड़ी मुश्किल लगती थी इसलिए मैंने केमिस्ट्री पर ज्यादा ध्यान दिया। इस कारण मुझे सफलता मिली है। मैं स्कूल के बाद रोजाना छह घंटे की पढ़ाई करता था और वीकेंड पर दो साल तक 12 घंटे की पढ़ाई की है।
तारूष ने दसवीं में 97.8 और 12वीं में 96.4 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। इसके अलावा तारूष ने एनटीएसी में पंजाब में टॉप किया था। वहीं ब्राजील में हुए मैथमेटिक्स ओलंपियाड में भारत का प्रतिनिधित्व भी किया था। तारूष ने कहा कि मैथमेटिक्स ओलंपियाड में देश का प्रतिनिधित्व करना गर्व की बात है।
तारूष आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साइंस में बीटेक करना चाहते हैं। तारूष ने बताया कि उनके माता-पिता दोनों सरकारी अस्पताल में डॉक्टर हैं। सारी व्यस्तताओं के बावजूद उन्होंने मुझे पूरा समय दिया और हमेशा बेहतर करने के लिए प्रेरित किया।
आईआईटी मुंबई में एडमिशन लेने का सपना हो गया पूरा
टॉपर अनीश गर्ग
जेईई एडवांस में ऑल इंडिया 52वीं रैंक प्राप्त करने वाले अनीश गर्ग ने बताया कि वह साफ्टवेयर इंजीनियर बनना चाहते हैं। उनका सपना आईआईटी मुंबई में दाखिला लेने का था, जो अब पूरा हो जाएगा। उन्होंने बताया कि वह पांच घंटे की सेल्फ स्टडी करते थे।
पढ़ाई के साथ तनावमुक्त रहने के लिए वह क्रिकेट खेलते थे। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स को अपने ऊपर कांफिडेंस होना चाहिए तभी वह सफलता हासिल कर पाएंगे। वह अपना रोल मॉडल महेंद्र सिंह धोनी का मानते हैं। उनके पिता दीपक गुप्ता असिस्टेंट डायरेक्टर मिनिस्ट्री ऑफ टेलीकॉम हैं।
उनकी मां टीनू गुप्ता टीचर हैं। अनीश गर्ग ने दसवीं सेंट स्टीफंस स्कूल से पास की है। उन्होंने दसवीं में 94.2 और बारहवीं में 96.4 फीसदी अंक हासिल किए हैं। उन्होंने बताया कि वह अपने को तनावमुक्त रखने के लिए क्रि केट खेलते थे।
पढ़ाई के साथ तनावमुक्त रहने के लिए वह क्रिकेट खेलते थे। उन्होंने कहा कि स्टूडेंट्स को अपने ऊपर कांफिडेंस होना चाहिए तभी वह सफलता हासिल कर पाएंगे। वह अपना रोल मॉडल महेंद्र सिंह धोनी का मानते हैं। उनके पिता दीपक गुप्ता असिस्टेंट डायरेक्टर मिनिस्ट्री ऑफ टेलीकॉम हैं।
उनकी मां टीनू गुप्ता टीचर हैं। अनीश गर्ग ने दसवीं सेंट स्टीफंस स्कूल से पास की है। उन्होंने दसवीं में 94.2 और बारहवीं में 96.4 फीसदी अंक हासिल किए हैं। उन्होंने बताया कि वह अपने को तनावमुक्त रखने के लिए क्रि केट खेलते थे।
टीचर्स के प्रोत्साहन और मार्गदर्शन से मिली सफलता
टॉपर पावस गोयल
जेईई एडवांस में ऑल इंडिया में 90वीं रैंक हासिल करने वाले पावस गोयल ने दसवीं और बारहवीं दोनों की पढ़ाई बठिंडा से की है। हैरानी की बात यह है कि जहां पावस का जेईई मेन में 1009वीं रैंक आई थी, वहीं जेईई एडवांस में ऑल इंडिया 90वीं रैंक है। उनकी इस सफलता ने हर किसी को चौंका दिया है।
पावस ने बताया कि जब जेईई मेन में उनकी रैंक 1009वीं आई तो मैं काफी हिम्मत हार गया था लेकिन मेरे टीचर्स ने मुझे बार-बार प्रोत्साहित किया। टीचर्स ने मार्गदर्शन करते हुए कहा कि मैं अच्छे नंबर ला सकता हूं। उन्हीं के आशीर्वाद और मेरी हिम्मत का नतीजा है कि आज मैं आज सफल हो सका।
पावस का कहना है कि उनका इंट्रेस्ट प्रोग्रामिंग में है इसलिए वह कंप्यूटर साइंस में ही अपना करियर बनाना चाहते हैं। पावस के पिता अजय कुमार फार्मासिस्ट हैं जबकि मां किरण गोयल गृहणी हैं। वह रोजना दस घंटे पढ़ाई करते थे। पढ़ाई के बाद जब वह थक जाते थे तो वह बास्केटबाल खेलते थे।
पावस ने बताया कि जब जेईई मेन में उनकी रैंक 1009वीं आई तो मैं काफी हिम्मत हार गया था लेकिन मेरे टीचर्स ने मुझे बार-बार प्रोत्साहित किया। टीचर्स ने मार्गदर्शन करते हुए कहा कि मैं अच्छे नंबर ला सकता हूं। उन्हीं के आशीर्वाद और मेरी हिम्मत का नतीजा है कि आज मैं आज सफल हो सका।
पावस का कहना है कि उनका इंट्रेस्ट प्रोग्रामिंग में है इसलिए वह कंप्यूटर साइंस में ही अपना करियर बनाना चाहते हैं। पावस के पिता अजय कुमार फार्मासिस्ट हैं जबकि मां किरण गोयल गृहणी हैं। वह रोजना दस घंटे पढ़ाई करते थे। पढ़ाई के बाद जब वह थक जाते थे तो वह बास्केटबाल खेलते थे।
सरकारी स्कूल में पढ़कर प्राप्त की 36वीं रैंक
टॉपर साहिल सूद
जेईई एडवांस में ऑल इंडिया लेवल पर 36वां रैंक हासिल करने वाले साहिल सूद ने गवर्नमेंट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल सेक्टर-35 से पढ़ाई की है। सरकारी स्कूल में पढ़ने के बावजूद उन्होंने जेईई एडवांस में बेहतर स्थान प्राप्त किया है। साहिल ने यह सफलता दूसरे प्रयास में हासिल की है।
साल 2017 में उनकी रैंक इतनी बेहतर नहीं आई थी। साहिल ने बताया कि दसवीं की परीक्षा सेंट कबीर स्कूल सेक्टर-26 से 10 सीजीपीए से पास की। पिछले साल आईआईटी में दाखिला नहीं मिलने पर उन्होंने पेक में एडमिशन ले लिया था।
साहिल के पिता संजय सूद सेक्टर-17 स्थित पंजाब नेशनल बैंक में मैनेजर के पद पर तैनात हैं। साहिल की सफलता के बारे में उन्होंने बताया कि उनका बेटा शुरू से ही होशियार था। आईआईटी की पढ़ाई करना उसका सपना था, जिसके लिए उसने कड़ी मेहनत की। कंप्यूटर उसकी पहली पसंद है, उसी में ही कैरियर बनाएगा।
साल 2017 में उनकी रैंक इतनी बेहतर नहीं आई थी। साहिल ने बताया कि दसवीं की परीक्षा सेंट कबीर स्कूल सेक्टर-26 से 10 सीजीपीए से पास की। पिछले साल आईआईटी में दाखिला नहीं मिलने पर उन्होंने पेक में एडमिशन ले लिया था।
साहिल के पिता संजय सूद सेक्टर-17 स्थित पंजाब नेशनल बैंक में मैनेजर के पद पर तैनात हैं। साहिल की सफलता के बारे में उन्होंने बताया कि उनका बेटा शुरू से ही होशियार था। आईआईटी की पढ़ाई करना उसका सपना था, जिसके लिए उसने कड़ी मेहनत की। कंप्यूटर उसकी पहली पसंद है, उसी में ही कैरियर बनाएगा।
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