{"_id":"575956d54f1c1b17489c53ec","slug":"biryani-baba-feeds-thousands-of-people-everyday","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"दस हजार भूखों को बिरयानी खिलाता है ये बाबा, कोई नहीं लौटता भूखा","category":{"title":"Success Stories","title_hn":"सफलताएं","slug":"success-stories"}}
दस हजार भूखों को बिरयानी खिलाता है ये बाबा, कोई नहीं लौटता भूखा
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 10 Jun 2016 08:04 AM IST
विज्ञापन
- फोटो : Being Indian
खादिरी बाबा की उम्र 79 साल है। अब आप सोच रहे होंगे कि इसमें नया क्या है, कोई भी 79 साल का हो सकता है तो हम आपको बता दें कि खास है इनकी शख्सियत। ये इस उम्र में भी घूम-घूम कर गरीब लोगों को बिरयानी खिलाते हैं। ये लोगों को नॉनवेज बिरयानी खिलाते हैं लेकिन शाकाहारी लोगों को भी निराश नहीं करते शाकाहारी लोगों के लिए वेज बिरयानी इनके पास मौजूद रहती है।
करीब एक हजार लोग उनकी बिरयानी से अपनी भूख मिटाते हैं, और विशेष अवसरों पर खाने वालों की संख्या 8 से 10 हजार तक भी पहुंच जाती है। ये बिरयानी खिलाकर लोगों का पेट पालते हैं इसलिए लोग इन्हें प्यार से बिरयानी बाबा कहके बुलाते हैं।
आगे की स्लाइड में पढ़ें बिरयानी बाबा की पूरी कहानी।
विज्ञापन
करीब एक हजार लोग उनकी बिरयानी से अपनी भूख मिटाते हैं, और विशेष अवसरों पर खाने वालों की संख्या 8 से 10 हजार तक भी पहुंच जाती है। ये बिरयानी खिलाकर लोगों का पेट पालते हैं इसलिए लोग इन्हें प्यार से बिरयानी बाबा कहके बुलाते हैं।
विज्ञापन
आगे की स्लाइड में पढ़ें बिरयानी बाबा की पूरी कहानी।
Trending Videos
गुरु से मिली ये परंपरा विरासत में
बिरयानी बाबा अताउल्लाह शरीफ शताज खादिरी बाबा है। ये आंध्रप्रदेश राज्य के कृष्णा जिले के विजयनगरम और चिमालपाडु के दरगाह पर गरीबों को बिरयानी खिलाते हैं। बिरयानी को वो अपनी निगरानी में बनवोते हैं। अब यरा बिरयानी की सीमग्री की मात्रा सुनिए। बिरयानी बनाने के लिए उन्हें 2 टन बासमती चावल और 1 कुंतल चिकन और मटन की जरुरत पड़ती है। इतना ही नहीं बाबा लोगों की सेहत का पूरा ध्यान रखते हैं और बिरयानी को शुद्ध देशी घी में बनाया जाता है।
गरीवों को बिरयानी खिलाने की ये परंपरा उनको अपने गुरु खादर बाबा से विरासत में मिली है। जिनकी मृत्यु 40 साल पहले हो गई थी। वो हर साल उर्स उत्सव का आयोजन करते थे। वहां वो खाना बनने तक खुद ही निरीक्षण करते थे।
बिरयानी बाबा का सपना है कि 1 करोड़ लोग उनकी बिरयानी से अपनी भूख मिटाएं। उनका ये सपना श्रद्धालुओं और दानदाताओं के बिना असंभव है, क्योंकि वो ही पैसों या श्रम के माध्यम से उनके इस सपने को पूरा करने में उनकी मदद करते हैं। बाबा के एक भक्त ने क्रोनिकल को बताया कि 'हम पिछले 10 सालों से उनके संपर्क में हैं। बाबा गरीबों का सहारा हैं। मैं उनके इस काम में उनकी पूरी मदद करता हूं'।
उम्मीद है बिरयानी बाबा ये स्टोरी आपको लोगों की मदद के लिए प्रेरित करेगी। आपको ये कहानी कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया कमेंट बॉक्स में देना न भूलें। आप चाहें तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर भी कर सकते हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग कहानी से प्रेरित हो सकें।
गरीवों को बिरयानी खिलाने की ये परंपरा उनको अपने गुरु खादर बाबा से विरासत में मिली है। जिनकी मृत्यु 40 साल पहले हो गई थी। वो हर साल उर्स उत्सव का आयोजन करते थे। वहां वो खाना बनने तक खुद ही निरीक्षण करते थे।
बिरयानी बाबा का सपना है कि 1 करोड़ लोग उनकी बिरयानी से अपनी भूख मिटाएं। उनका ये सपना श्रद्धालुओं और दानदाताओं के बिना असंभव है, क्योंकि वो ही पैसों या श्रम के माध्यम से उनके इस सपने को पूरा करने में उनकी मदद करते हैं। बाबा के एक भक्त ने क्रोनिकल को बताया कि 'हम पिछले 10 सालों से उनके संपर्क में हैं। बाबा गरीबों का सहारा हैं। मैं उनके इस काम में उनकी पूरी मदद करता हूं'।
उम्मीद है बिरयानी बाबा ये स्टोरी आपको लोगों की मदद के लिए प्रेरित करेगी। आपको ये कहानी कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया कमेंट बॉक्स में देना न भूलें। आप चाहें तो इसे सोशल मीडिया पर शेयर भी कर सकते हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग कहानी से प्रेरित हो सकें।
कमेंट
कमेंट X