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UPSC में 261वी रैंक हासिल करने वाले अनिकेत दुग्गल बोले- महिला शिक्षा जरूरी

Mon, 30 Apr 2018 07:15 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 30 Apr 2018 07:15 PM IST
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Aniket Duggal- who achieved 261 rank in UPSC exam, says women education is necessary

एक शिक्षित मां से उसके बच्चों में नैतिक मूल्य आते हैं। इसलिए मां का शिक्षित होना जरूरी है। अगर हम लड़कियों का शोषण करते रहे और उन्हें कमजोर बनाते रहे, जब वह मां बनेंगी तो अपने बच्चों को कैसे मजबूत बना पाएंगी। इसलिए महिलाओं को सक्षम बनाना जरूरी है। यह कहना है अनिकेत दुग्गल का, जिन्होंने यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में 261वीं रैंक हासिल की।अनिकेत के मुताबिक, सामाजिक विफलता के कारण ही शोषण हो रहा है।

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यह सदियों से हो रहा है, लेकिन इसे कहीं तो रोकने की जरूरत है। हर बुराई का अंत होता है और बुरी सोच को भी बदलने की जरूरत है। अनिकेत के मुताबिक, उन्हें मौका मिला तो वे शिक्षा के क्षेत्र में काम करना चाहेंगे। क्योंकि एजूकेशन सिस्टम में क्वालिटी नहीं है। एक लीक पर शिक्षा का सिस्टम चला आ रहा है, लेकिन उसमें बदलाव नहीं हो रहा।
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परीक्षा एक समुद्र है, जिसमें खजाना तलाशना है
अनिकेत के मुताबिक, सिविल सर्विस परीक्षा और उसकी तैयारी एक समुद्र की तरह है, जिसमें से आपको खजाना तलाशना है। इस परीक्षा की तैयारी के लिए जितना जरूरी है कि क्या पढ़ना है? उससे ज्यादा जरूरी यह तय करना है कि क्या नहीं पढ़ना है? अनिकेत के मुताबिक इस परीक्षा के सभी स्तर पर कोचिंग की जरूरत नहीं है। अखबार पढ़ना, वाद-विवाद करना और जो पढ़ा उसे रिकॉल करना बेहद जरूरी है। प्रतियोगी परीक्षाओं की टेस्ट सीरीज काफी मददगार साबित होती है।

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भाई से मिलती है प्रेरणा

अनिकेत ने बताया कि उन्हें अपने भाई उत्कर्ष से काफी प्रेरणा मिलती है और वही उनके रोल मॉडल हैं। उत्कर्ष दुग्गल फिलहाल जम्मू-कश्मीर में आईपीएस ऑफिसर हैं और इस बार भी उन्होंने सिविल सर्विस की परीक्षा देकर 17वीं रैंक हासिल की। अनिकेत ने बताया कि इस परीक्षा की तैयारी में हौसला नहीं छोड़ना चाहिए। अगर कभी ऐसा लगे या खुद में डिमोटिवेशन आए तो उन लोगों को देखें, जो आपके साथ पढ़ रहे हैं। कभी भी जब ऐसी भावना आई तो ऐसा ही किया। इसके अलावा सिविल सर्विस के टॉपर्स की कहानियां उत्साह बढ़ाती हैं।

ईमानदारों का हौसला बढ़ाने की जरूरत
अनिकेत दुग्गल के मुताबिक जो अधिकारी ईमानदारी से काम करते हैं, उनका हौसला बढ़ाने की जरूरत है। अक्सर अधिकारी दबाव में आ जाते हैं, क्योंकि हमारे सिस्टम में सर्विस रूल नहीं है। जो काम करते हैं उनके कार्य का प्रोत्साहन मिलेगा तो उससे भविष्य में और बड़ा काम करने का हौसला आता है।

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