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IAS की परीक्षा में 164वीं रैंक पाने वाले अधिराज बोले- प्राइमरी शिक्षा में बदलाव आए तो देश होगा मजबूत

Mon, 30 Apr 2018 07:06 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 30 Apr 2018 07:06 PM IST
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Adhiraj singh getting 164th rank in the IAS examination share experience

आईएएस की परीक्षा में 164वीं रैंक पाने वाले अधिराज सिंह राणा मानते हैं कि देश के विकास में एजुकेशन सबसे महत्वपूर्ण कारक है। वे एजुकेशन के मौजूदा सिस्टम पर बदलाव लाने में विश्वास रखते हैं। उनका कहना है कि प्री प्राइमरी और प्राइमरी शिक्षा में बदलाव लाने की जरूरत है।टीचर की समय-समय पर ट्रेनिंग और उनका मूल्यांकन जरूरी है। अकसर देखने में आता है कि टीचरों की भरती नहीं होती। इससे सबसे ज्यादा पढ़ाई प्रभावित होती है, लेकिन ध्यान नहीं दिया जाता।

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सिविल सेवा की परीक्षा को पास करने लिए उन्होंने भी खास रणनीति पर काम किया था। वे मानते हैं कि आज का काम कल में नहीं टालना चाहिए। रुटीन का काम रुटीन में ही खत्म कर देना चाहिए। परीक्षार्थियों की प्लानिंग बहुत मायने रखती है। बड़े लक्ष्य को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटे। ग्रुप स्टडीज पर ध्यान देना चाहिए।
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साल 2013 के टॉपर गौरव अग्रवाल हैं प्रेरणा स्रोत
अधिराज सिंह को प्रेरणा साल 2013 के टॉपर गौरव अग्रवाल से मिलती है। आईएएस गौरव अग्रवाल के नोट्स और उनके आंसर देने के तरीके ने उन्हें काफी प्रभावित किया है। इसके अलावा वे अपने पिता डा. केएस राणा और साथ में तैयारी कर रहे दोस्तों से भी काफी मोटिवेट होते रहे हैं। उनके पिता का समय पर अस्पताल में जाना और काम के प्रति समर्पण उन्हें काफी प्रभावित करता है।
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अगली बार पास हो जाऊंगा, यही सोचकर पढ़ाई में जुट जाता था

पेक से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले अधिराज सिंह से पूछा गया कि जब वे अपने प्रयास में सफल नहीं हो रहे थे तो उन्हें लगातार कोशिश करने की प्रेरणा कहां से मिलती थी तो उनका कहना है कि अगली बार पास हो जाऊंगा, यही सोचकर दोबारा से पढ़ाई में जुट जाता था। परीक्षा की तैयारी में कभी भी पैर नहीं डगमगाए। मन में यह ख्याल कभी नहीं आया कि इसे छोड़कर कुछ और किया जाए। बारहवीं में ही सोच लिया था कि  सिविल सेवा में ही जाना है। दूसरा कोई लक्ष्य नहीं था, इसलिए तैयारी में ज्यादा दिक्कत नहीं आई।

महिला सुरक्षा के लिए सब मिलकर काम करें
महिला सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर अधिराज का मानना है कि इसमें सबको मिलकर काम करना होगा। सब कुछ सरकार पर नहीं छोड़ना चाहिए। सरकार की ओर से कैमरे और महिला पुलिस की तादाद बढ़ानी चाहिए। कम्युनिटी पुलिस और टेक्नोलॉजी की दिशा में काम करने की जरूरत है। महिलाओं को सेल्फ डिफेंस में निपुण होना होगा। समाज को शिक्षित और जागरूक करना होगा। जब इन सारे मुद्दे पर एक साथ काम होगा, तभी इस मुद्दे पर काम होगा।

नाम                    अधिराज सिंह
पिता का नाम           डा. केएस राणा
माता का नाम           किरण राणा (गृहणी)
स्कूली शिक्षा            डीपीएस स्कूल
ग्रेजुएशन/इंजीनियरिंग   पेक इंजीनियरिंग कालेज
रुचि                    घूमना-फिरना

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