जिन बच्चों को पता नहीं कब है जन्मदिन, उनके लिए है 'हैप्पी बर्थडे भारत'
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भारत में सड़कों पर रहने वाले ऐसे अनेक बच्चे हैं जिन्हें अपना जन्मदिन तक पता नहीं होगा। पर एक इंसान है जो ऐसे बच्चों का जन्मदिन मनाता है। इस इंसान ने दो हजार से ज्यादा और लोगों को भी ऐसा करने के लिए प्रेरित किया है। यह इंसान बच्चों के चेहरों पर खुशी और मुस्कुराहट लाने के अपनी तरह का अनुठा प्रयास कर रहा है। आइए आपको भी मिलवाते हैं इस शख्स से यह हैं 31 वर्षीय मार्केटिंग प्रोफेशनल अविजित बाजपेयी।
अविजित ने बताया,'पिछले साल जुलाई में जब मैं ऑफिस जा रहा था, तो मैं रेड लाइट पर रुका, कुछ बच्चों ने कार के शीशे को खटखटाया और पैसे मांगे उनके साथ कुछ बच्चे और भी थे। मैंने देखा वे बच्चे बर्थडे पार्टी के बचे हुए सामान से खेल रहे हैं उस सामान में केक बॉक्स, कैप्स, प्लास्टिक का चाकू और भी कई चीजें थीं। सिग्नल ग्रीन हुआ और वे बच्चे पीछे हट गए और फिर रेड लाइट होने का इंतेजार कर ने लगे ताकि वे दोबारा भीख मांग सकें।'
कुछ देर के बाद सब अपनी जिंदगी में उसी तरह मसरूफ हो गए लेकिन अविजित की जिंदगी में बच्चों की कूड़े से उठाए हुए बर्थडे पार्टी के बचे हुए सामान से खेलने की घटना उनके दिमाग में बैठ गई। तो उन्होंने आगे बढ़कर एक ट्वीट किया कि वह दिल्ली की झोपड़ियों में रहने वाले जरूरतमंद बच्चों का जन्मदिन मनाना चाहते हैं। इस ट्वीट पर अच्छा रिस्पॉन्स मिला और कई लोगों ने ट्वीट कर उनसे कहा कि वे भी ऐसे बच्चों का जन्मदिन मनाना चाहेंगे।
अविजित ने इसके बाद फेसबुक पर 'हेप्पी बर्थडे भारत' नाम से ऐसे लोगों का एक ग्रुप बनाया जो उन्हें जॉइन करना चाहते थे। अविजित ने बताया,'हम सारे लोग कनॉट प्लेस में इकट्ठा हुए हम दुविधा में थे कि बर्थडे पार्टी करना कैसे है और इसके लिए सबसे बड़ा चैलेंज फंड का था। हम सब लोगों में हर किसी ने 500 या 600 रुपए दिए इससे बच्चों के लिए पहली बर्थडे पार्टी का इंतेजाम हो गया।'
'हेप्पी बर्थडे भारत' के 2,000 से ज्यादा फेसबुक पर सक्रिय मेंबर हैं
अविजित ने आगे बताया,'कनॉट प्लेस पर ही सड़कों पर रहने वाले काफी बच्चे थे इनमें से कई बच्चे भीख मांग रहे थे तो कई बच्चे पेन और खिलौने वगैरह बेच रहे थे। हमारी टीम ने सबसे पहले एक काम किया जो बच्चे सामान खरीद रहे थे उनसे हमने सारा सामान खरीद लिया। इस तरह बच्चे सामान बेचने से फ्री हो गए। उनमें से ज्यादातर बच्चों को अपना बर्थडे नहीं पता था। करीब बीस बच्चों में से हमने एक लड़का और लड़की को चुना हमने तय किया कि हम इनका बर्थडे सेलिब्रेट करेंगे।'
अविजित के मुताबिक 'हेप्पी बर्थडे भारत' कोई संस्था नहीं है यह नागरिकों द्वारा की गई एक पहल है इसका कोई औपचारिक ढांचा नहीं है। इस ग्रुप के 2,000 से ज्यादा फेसबुक पर सक्रिय मेंबर हैं। 'हेप्पी बर्थडे भारत' मुंबई, बेंगलुरु और पूणे सहिते देश के विभिन्न शहरों में भी सड़कों पर रहने वाले बच्चों का जन्मदिन मनाती है।
इस बर्थडे पार्टी में केक कटिंग सेरेमनी कर केवल औपचारिकता पूरी नहीं की जाती बल्कि असल बर्थडे पार्टी की तरह प्रोग्राम किया जाता है। हर बुधवार अलग-अगल शहरों के लोग 'हेप्पी बर्थडे भारत' के फेसबुक पेज पर जाकर चेक करते हैं कि लोग किस इलाके में हैं और कितने लोग पार्टी में स्थान विशेष पर आ रहे हैं।
हर केक पर लिखते हैं भारत
पार्टी में कई तरह की एक्टिविटीज होती हैं पार्टी में स्टोरी टेलिंग और क्विज भी होता है और इसके लिए प्राइज के तौर पर चॉक्लेट्स दी जाती हैं। पार्टी में म्यूजिक और डांस भी होता है। केक पर हमेशा 'भारत' लिखा रहता है और वेन्यू कभी फिक्स नहीं होता। बर्थडे पार्टी के लिए पार्क रेस्टोरेंट्स और खाली जगह कोई भी तय करली जाती है। पार्टी में बच्चों के लिए गिफ्ट भी होता है और कई बार बच्चे खुद भी अपने लिए गिफ्ट चुनते हैं।
अविजित को फंड को तौर पर कई संस्थाओं और व्यक्तिगत स्तर पर लोगों ने पैसे देना चाहा लेकिन उन्होंने मना कर दिया। अविजित ने कहा,'मैंने पैसे लेने से इसलिए मना कर दिया क्योंकि मैं चाहता हूं लोग बच्चों के साथ वक्त बताएं। 500 या हजार रुपए की कोई बात नहीं है इतने पैसे तो लोग फिल्म के टिकट पर खर्च कर देते हैं।'
अविजित जिन्होंने यह पहल की थी वह यह कहते हैं,'जो लोग भी इस पहल के साथ जुड़े हैं सब बराबर हैं। इस समय दिल्ली सहित देश के कई शहरों में 'हेप्पी बर्थडे भारत' की 2,000 से ज्यादा लोगों की मजबूत टीम है। कई वॉलंटियर तो अपने परिवारों को भी बच्चों के साथ समय बिताने के लिए साथ ले आते हैं।'
Published by MD AKRAM
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