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Delhi School: दिल्ली के स्कूलों में होगी अब आरएसएस की पढ़ाई! छात्र ‘राष्ट्रनीति’ से समझेंगे नागरिक कर्तव्य

Wed, 01 Oct 2025 10:10 AM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: शाहीन परवीन Updated Wed, 01 Oct 2025 10:10 AM IST
सार

Delhi School Education: दिल्ली के सरकारी स्कूलों में नए शिक्षा कार्यक्रम ‘राष्ट्रनीति’ के तहत छात्रों को RSS और स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में पढ़ाया जाएगा।

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Students in Delhi schools to learn about RSS, freedom fighters under new programme 'Rastraneeti'
मंत्री आशीष सूद - फोटो : X/@ashishsood_bjp

विस्तार

Delhi School: दिल्ली के सरकारी स्कूलों के छात्रों को जल्द ही नए शिक्षा कार्यक्रम ‘राष्ट्रनीति’ के तहत आरएसएस के बारे में पढ़ाया जाएगा। इस पाठ्यक्रम में वीर सावरकर, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और सरदार वल्लभभाई पटेल जैसे स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में जानकारी भी शामिल होगी। यह जानकारी शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने मंगलवार को दी।

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सूद ने कहा, "छात्रों में नागरिक और सामाजिक चेतना पैदा करने और मौलिक कर्तव्यों पर ध्यान केंद्रित करने के लिए इस कार्यक्रम के तहत आरएसएस पर एक अध्याय जोड़ा जा रहा है।"
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'राष्ट्रनीति' नामक शैक्षिक कार्यक्रम के तहत यह अध्याय कक्षा 1 से कक्षा 12 तक के छात्रों में नागरिक जागरूकता, नैतिक शासन और राष्ट्रीय गौरव को बढ़ावा देने के लिए डिजाइन किया गया है।
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बच्चों को पढ़ाए जाएंगे आरएसएस का इतिहास, योगदान और सामाजिक कार्य

पाठ्यक्रम के एक भाग के रूप में, बच्चों को आरएसएस की उत्पत्ति और इतिहास, इसकी विचारधारा और प्राकृतिक आपदाओं और स्वतंत्रता संग्राम के दौरान सहायता प्रदान करने में इसके कार्यकर्ताओं की भूमिका के बारे में पढ़ाया जाएगा। एक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि इन पाठों का उद्देश्य संगठन के बारे में गलत धारणाओं को दूर करना भी है।

उनके अनुसार, पाठ में उल्लिखित योगदान स्वतंत्रता संग्राम में आरएसएस की भागीदारी के साथ-साथ उसके सामाजिक कार्यों, जैसे रक्तदान अभियान, खाद्य आपूर्ति, केदारनाथ और बिहार बाढ़ जैसी आपदाओं के दौरान बचाव कार्य और कोविड महामारी के दौरान राहत गतिविधियों पर प्रकाश डालेंगे।

द्वारा स्थापित आरएसएस के इतिहास का भी पता लगाएगा। यह सांस्कृतिक जागरूकता, अनुशासन, सेवा और सामाजिक उत्तरदायित्व पर संगठन के फोकस को रेखांकित करेगा और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे नेताओं का उल्लेख करेगा जो इससे जुड़े रहे हैं। एक अलग खंड गुमनाम नायकों को समर्पित होगा।

शिक्षक पुस्तिकाएं है तैयार

उन्होंने कहा कि शिक्षक पुस्तिकाएं पहले ही तैयार कर ली गई हैं और एससीईआरटी में प्रशिक्षण सत्र चल रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि पाठ्यक्रम के बारे में अधिक जानकारी पर अभी भी चर्चा की जा रही है, जिसमें यह निर्णय भी शामिल है कि कौन से कक्षा समूह नए अध्यायों का अध्ययन करेंगे।

पीटीआई के मुताबिक, सूत्र ने कहा, "छात्रों को शासन, लोकतंत्र और सक्रिय नागरिकता का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के लिए यह पाठ्यक्रम सभी कक्षाओं में शुरू किया जा रहा है।"

राष्ट्रनीति कार्यक्रम का आधिकारिक शुभारंभ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 18 सितंबर को भारत मंडपम में 'नमो विद्या उत्सव' के तहत शुरू किए गए तीन नए पाठ्यक्रमों में से एक के रूप में किया।

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