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JSSC: जेएसएससी कार्यालय के बाहर छात्रों ने किया प्रदर्शन, सीजीएल भर्ती परीक्षा रद्द करने की उठाई मांग

Mon, 30 Sep 2024 04:53 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Mon, 30 Sep 2024 04:53 PM IST
सार

JSSC CGL Exam 2024: सोमवार को हजारों अभ्यर्थियों ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। राज्य के विभिन्न हिस्सों से एकत्र हुए छात्रों ने JGGLCCE में 'गलत व्यवहार' का आरोप लगाया।
 

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Students demand cancellation of JSSC CGL recruitment exam, protested outside JSSC office
जेएसएससी सीजीएल विवाद - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

JGGLCCE JSSC CGL 2024: झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) के कार्यालय के बाहर हजारों अभ्यर्थियों ने सोमवार को प्रदर्शन किया और पिछले सप्ताह आयोजित सीजीएल भर्ती परीक्षा रद्द करने की मांग की। एक अधिकारी ने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए जेएसएससी कार्यालय के पास भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

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राज्य के विभिन्न हिस्सों से एकत्र हुए छात्रों ने झारखंड सामान्य स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (JGGLCCE) में 'गलत व्यवहार' का आरोप लगाया।

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सुबह से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन जारी रहा

झारखंड सामान्य स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा 21 और 22 सितंबर को 823 केंद्रों पर आयोजित की गई थी। किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए दोनों दिन परीक्षा के दौरान मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई थीं।

झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार द्वारा छात्रों की शिकायतों की जांच के लिए आयोग को लिखे गए पत्र के मद्देनजर भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों की जांच के लिए जेएसएससी ने पिछले सप्ताह तीन सदस्यीय समिति गठित की थी।

एक आंदोलनकारी छात्र ने बताया कि हजारीबाग और रामगढ़ से सैकड़ों छात्र रविवार को रांची के जेएसएससी कार्यालय तक करीब 100 किलोमीटर पैदल मार्च कर पहुंचे। उन्होंने कहा, "हमें सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा। यह सरकार एक भी परीक्षा स्वतंत्र और निष्पक्ष आयोजित नहीं कर पाई।"

छात्र नेता मनोज यादव ने दावा किया कि उन्होंने परीक्षा के दौरान गड़बड़ी के सबूत तीन प्रारूपों- लिखित, पेन-ड्राइव और सीडी में पेश किए थे, लेकिन अब जेएसएससी के अधिकारी कह रहे हैं कि सीडी खाली थी और उसमें कोई सामग्री नहीं थी।

जेएसएससी ने रविवार को एक नोटिस में कहा कि आयोग को जो सीडी मुहैया कराई गई थी, वह पूरी तरह खाली थी। साथ ही छात्रों से कहा गया कि वे पेन ड्राइव के जरिए मुहैया कराए गए सबूतों का मूल स्रोत आयोग के कार्यालय में दोपहर 3 बजे तक जमा कराएं।

छात्रों के विरोध प्रदर्शन को देखते हुए रांची जिला प्रशासन ने 26 सितंबर को आयोग कार्यालय के 100 मीटर के दायरे में बीएनएसएस की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह आदेश 2 अक्तूबर की रात 10 बजे तक प्रभावी रहेगा।

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