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IIT Madras Research: आईआईटी मद्रास के शोधकर्ताओं ने बनाया इंसानी दिमाग की तरह सोचने वाला एल्गोरिदम
Sun, 19 Dec 2021 09:55 PM IST
सुभाष कुमार
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: सुभाष कुमार
Updated Sun, 19 Dec 2021 09:55 PM IST
सार
IIT Madras Research: आईआईटी मद्रास के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग में सहायक प्रोफेसर सतदाल घोष के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने यह उपलब्धि हासिल की है। यह जमीन या सतह पर चलने वाले वाहनों का नौवहन कर सकती है।
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IIT Madras
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारतीय प्रोद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मद्रास के शोधकर्ताओं ने इंसानी दिमाग की तरह सोचने और तीव्र तथा प्रभावी तरीके से काम करने वाला एल्गोरिदम (गति योजना) विकसित किया है। शोधकर्ताओं के मुताबिक, इस एल्गोरिदम को सामान्यीकृत आकार विस्तार (जीएसई) की विशेष धारणा के आधार पर विकसित किया गया है। यह जमीन या सतह पर चलने वाले वाहनों का नौवहन कर सकती है।
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शोधकर्ताओं ने दावा किया कि इसके द्वारा की जाने वाली क्षेत्र की ‘सुरक्षित’ गणना से बिना चालक के चलने वाली कार, आपदा मोचन, आईएसआर परिचालन, ड्रोन के जरिये आपूर्ति, परग्रही खोज और अन्य परिस्थितियों में समय के लिहाज से संवेदनशील परिस्थिति में महत्वपूर्ण मदद मिलती है। आईआईटी मद्रास के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग में सहायक प्रोफेसर सतदाल घोष के नेतृत्व में शोधकर्ताओं ने यह उपलब्धि हासिल की है। इस टीम में आईआईटी मद्रास के पूर्व छात्र एवं वर्तमान में अमेरिका के ऑस्टिन स्थित टेक्सास विश्वविद्यालय में शोधार्थी वृषभ जिनागे, पोलैंड की वारसा यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी में स्नातक के छात्र अद्वैत रामकुमार और गोल्डमैन साक्स में विश्लेषक पी निखिल शामिल थे।
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