मेडिकल छात्रों के लिए बड़ी खबर, पीजी में दाखिले के लिए NEET खत्म करने का प्रस्ताव
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मेडिकल में पीजी (एमडी व एमएस) कोर्सेज में दाखिला लेने के लिए अब विद्यार्थियों को प्रवेश परीक्षा से छुटकारा मिल सकता है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने अपने प्रस्तावित विधेयक में मेडिकल के पीजी कोर्सेज के लिए नेशनल एलिजिबिलिटी एंड एंट्रेंस टेस्ट (NEET) को खत्म करने की सिफारिश की है। अगर ऐसा होता है, तो यह छात्रों के लिए बड़ी राहत होगी।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रधानमंत्री कार्यालय के निर्देशों के आधार पर विधेयक में ये प्रस्ताव शामिल किए गए हैं। इस प्रस्ताव को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) विधेयक के संशोधित मसौदे में शामिल कर लिया गया है। अब इसे जल्द ही कैबिनेट के पास मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
फिर ऐसे होगा मेडिकल पीजी कोर्सेज में प्रवेश
नए एनएमसी विधेयक में किए गए संशोधनों के अनुसार, मेडिकल के पीजी प्रोग्राम्स में दाखिले के लिए नेशनल एग्जिट टेस्ट के परिणाम को आधार बनाया जाएगा, जिसे देशभर में एक समान परीक्षा के रूप में आयोजित किया जाएगा। इससे अभ्यर्थियों को एमबीबीएस की अंतिम परीक्षा पास करने का बाद पीजी कोर्सेज में दाखिले के लिए अलग-अलग परीक्षाओं में शामिल नहीं होना पड़ेगा। अभ्यर्थियों को एमबीबीएस के बाद प्रैक्टिस के लाइसेंस के लिए भी अलग परीक्षा में शामिल नहीं होना होगा।
हालांकि ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (AIIMS) से पीजी करने के लिए अभ्यर्थियों को उसकी अलग परीक्षा देनी होगी। साथ ही डीएम व एमसीएच (DM / MCh) कोर्सेज में दाखिले के लिए होने वाली राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा नीट सुपर स्पेशियलिटी भी जारी रहेगी।
बता दें कि एनएमसी विधेयक दिसंबर 2017 में लोकसभा में पेश किया गया था। लेकिन 16वीं लोकसभा का कार्यकाल खत्म होने से यह विधेयक भी खत्म हो गया।
हर साल करीब 80 हजार विद्यार्थी देश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस कोर्सेज में दाखिला लेते हैं। जबकि देश के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में मेडिकल पीजी की 50 हजार सीटों के लिए करीब 1.5 लाख अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल होते हैं।
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