फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Ratan Tata appointed chairman of Mumbai univ advisory council

82 साल के रतन टाटा को बनाया गया इस यूनिवर्सिटी के सलाहकार परिषद का अध्यक्ष

Wed, 26 Feb 2020 02:34 PM IST
ललित फुलारा शिक्षा डेस्क,अमर उजाला,नई दिल्ली
शिक्षा डेस्क,अमर उजाला,नई दिल्ली Published by: ललित फुलारा Updated Wed, 26 Feb 2020 02:34 PM IST
विज्ञापन
Ratan Tata appointed chairman of Mumbai univ advisory council
Ratan Tata

उद्योगपति रतन टाटा को मुंबई यूनिवर्सिटी के एडवाइजरी काउंसिल का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। राज्य सरकार ने रतन टाटा को मुंबई यूनिवर्सिटी की पहली सलाहकार परिषद का अध्यक्ष बनाया है। रतन टाटा, टाटा संस के अध्यक्ष एमेरिटस और टाटा ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने रतन टाटा को मुंबई यूनिवर्सिटी के सलाहकार परिषद का अध्यक्ष नियुक्त किया।

विज्ञापन


वैज्ञानिक अनिल काकोडकर को इस परिषद का सदस्य बनाया गया है। यह पहली बार है जब मुंबई यूनिवर्सिटी में सलाहकार परिषद का गठन हुआ है। इस परिषद का गठन महाराष्ट्र स्टेट पब्लिक यूनिवर्सिटीज एक्ट 2016 के तहत हुआ है। रतन टाटा के अलावा, महाराष्ट्र के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुजाता सौनिक इस परिषद के प्रो- वाइस चांसलर बनाए गए हैं। इस एडवाइजरी काउंसिल में सात सदस्य होंगे।
विज्ञापन


 

हालांकि, अभी तक अपनी नियुक्ति को लेकर रतन टाटा को कोई बयान नहीं आया है। लेकिन मुंबई यूनिवर्सिटी का कहना है कि रतन टाटा ने एक खत के जरिए अपनी नियुक्ति को स्वीकार किया है। हालांकि, इस यूनिवर्सिटी से जुड़े दो अन्य सदस्यों के नामों का खुलासा जल्द किया जाएगा। सलाहकार परिषद का काम शोध, वित्तीय संसाधनों को जुटाना और अकादमी रिपोर्ट तैयार करना होगा। यह परिषद यूनिवर्सिटी की गतिविधियों की भी निगरानी करेगी।

कौन हैं रतन टाटा
रतन टाटा देश के अग्रणी उद्योगपति हैं। उनका जन्म 8 दिसंबर 1937 में (तत्कालीन बॉम्बे) मुंबई में हुआ। उन्हें भारत के दो सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार- पद्म विभूषण (2008) और पद्म भूषण (2000) मिले हैं। वह प्रतिष्ठित कैथेड्रल और जॉन कानोन स्कूल, बिशप कॉटन स्कूल (शिमला), कॉर्नेल यूनिवर्सिटी और हार्वर्ड के पूर्व छात्र हैं।

 

1962 से टाटा ग्रुप में काम शुरू करने के बाद रतन टाटा ने 1991 में टाटा ग्रुप की कमान संभाली थी उनकी अगुवाई में टाटा ग्रुप ने भारत समेत दुनियाभर में विस्तार किया है। बता दें कि टाटा संस ग्रुप की अगुवा कंपनी है। टाटा संस की इक्विटी शेयर पूंजी का 66 फीसदी हिस्सा परोपकारी ट्रस्टों के पास है। ये ट्रस्ट शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका उत्पादन और कला-संस्कृति के लिए काम करते हैं। टाटा ग्रुप के अधीन आने वाली हर कंपनियों का मैनेजमेंट और अन्य गतिविधियां स्वतंत्र हैं। 

टाटा अलग-अलग कंपनियों के जरिए 100 से अधिक देशों में कारोबार कर रही है। इस ग्रुप का टीसीएस के जरिए आईटी सेक्टर में दबदबा है तो वहीं टाटा स्टील ने भारत समेत दुनिया भर की स्टील इंडस्ट्री में अपनी एक खास पहचान बनाई है। इसी तरह ऑटो इंडस्ट्री में टाटा मोटर्स समेत अन्य व्हीकल्स ने नाम कमाया है. इसके अलावा कंज्यूमर और रिटेल इंडस्ट्रीज, इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्रीज, फाइनेंशियल सर्विसेज, एयरोस्पेस और डिफेंस में भी टाटा ग्रुप ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है।

ये भी पढ़ें- हैप्पीनेस क्लास: यहां किताबों से नहीं होती पढ़ाई, बल्कि अपनाएं जाते हैं ये दिलचस्प तरीके

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed