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कोरोना हालात के आधार पर सितंबर आखिर और अक्तूबर में स्कूलों को दोबारा खोलने की तैयारी

Tue, 11 Aug 2020 03:42 PM IST
Garima Garg सीमा शर्मा, अमर उजाला
सीमा शर्मा, अमर उजाला Published by: Garima Garg Updated Tue, 11 Aug 2020 03:42 PM IST
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Preparation to reopen schools in September end and October depending on corona conditions
- फोटो : IStock
करीब चार महीने से बंद स्कूलों को सितंबर आखिर और अक्तूबर के बीच फिर से खोला जा सकता है। हालांकि यह फैसला मध्य सितंबर तक देश में कोरोना हालात को देखकर होगा। शिक्षण संस्थानों में 2020 सत्र जीरो वर्ष नहीं होगा। राज्यों और अभिभावकों से मिले सुझाव और आपत्तियों को ध्यान में रखकर सरकार के तीन मंत्रालय स्कूलों को खोलने का खाका तैयार कर रहे हैं। बैठक में यह तय हुआ कि स्कूलों में एक साथ सभी कक्षाओं को बुलाने की बजाय चरणबद्ध तरीके से खोला जाए। इसके अलावा प्राइमरी विंग की क्लासेज घर से ही चलेंगी।
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सरकार के वरिष्ठï अधिकारी के मुताबिक, शैक्षणिक सत्र 2020-21 का आधा सत्र बीत चुका है। अनलॉक -3 में देश खुल रहा है, लेकिन शिक्षण संस्थान बंद है। इसीलिए स्कूलों को खोलने को लेकर राज्यों के माध्यम से अभिभावकों की राय ली गई थी। इसमें राज्यों की अलग-अलग (सितंबर और अक्तूबर)राय है। जबकि अभिभावक अक्तूबर तक खोलना चाहते हैं। इसी के आधार पर अब तैयारी चल रही है।
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वरिष्ठï अधिकारी के मुताबिक, इंटरनेट के माध्यम से मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर, टीवी, दूरदर्शन व रेडियो से ऑनलाइन क्लासेज चल रही है। हालांकि पूरी तरह से ऑनलाइन पढ़ाई संभव नहीं है। इसीलिए अगस्त के आखिरी हफ्ते और सितंबर मध्य तक कोरोना हालात को देखते हुए सितंबर आखिरी या फिर अक्तूबर में स्कूल दोबारा खोलने की तैयारी है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय, स्वास्थ्य मंत्रालय और केंद्रीय गृहमंत्रालय मिलकर गाइडलाइन बनाएगा। इसके बाद राज्यों को भेजी जाएगी। इसमें स्थानीय प्रशासन की अहम जिम्मेदारी होगी। सरकार के स्कूल खोलने का आखिरी फैसला राज्यों पर छोड़ा जाएगा।
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-स्थानीय प्रशासन करेगा मदद:
फिलहाल बोर्ड परीक्षा के छात्रों से स्कूल दोबारा खोले जाएंगे। इसमें आधे छात्रों को एक शिफ्ट और अन्य को दूसरी शिफ्ट में बुलाया जाएगा। हालांकि इन दो शिफ्ट के बीच दो से ढाई घंटे का अंतराल रहेगा,ताकि स्कूल परिसर को सेनेटाइज  करने का समय मिल सके। जिस कक्षा में पहली शिफ्ट के छात्र बैठे होंगे, उस कमरे में दूसरी शिफ्ट नहीं चलेगी। एक क्लासरूम में दोबारा क्लास लेने के बीच 15 से 24 घंटे का अंतराल जरूरी होगा। इसलिए स्थानीय प्रशासन स्कूल प्रशासन से क्लासरूम की जानकारी लेगा कि उसमें कितने कमरे हैं। आने -जाने के कितने गेट, शौचालयों की भी जानकारी ली जाएगी। इसी के आधार पर आगे स्कूल खोलने का पूरा खाका तैयार होगा।

-ढाई से तीन या चार घंटे रूकना होगा:
बोर्ड कक्षाओं के बाद धीरे-धीरे 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा स्कूल से ही चलेगी। हालांकि अभी छह से सात घंटे औसतन छात्र स्कूल में रूकते हैं। स्कूल दोबारा खोलने के दौरान यह समय-सीमा ढाई से तीन या चार घंटे की रहेगी। इसका मकसद जरूरी विषयों की पढ़ाई करवानी होगी। एक दिन एक विषय दूसरे दिन दूसरे विषय की पढ़ाई होगी। इसमें कम से कम किताब स्कूल लानी होगी। स्कूल टाइमिंग कम करने का मकसद स्कूल में लंच ब्रेक खत्म करना है।


- नवंबर तक छठीं कक्षा को मौका:
दिवाली तक हालात यदि सुधरते हैं तो फिर छठीं, सातवीं और आठवीं कक्षा के छात्रों को भी शिफ्टों में स्कूल बुलाया जाएगा। हालांकि पहले की तर्ज पर भी यहां भी सावधानी व नियम तय होंगे।
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