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DU ने दिया सुनहरा मौका, अंग्रेजी, हिंदी व आधुनिक भारतीय भाषाओं में से किन्हीं दो का कर सकते हैं चयन
Fri, 24 May 2019 02:00 PM IST
Garima Garg
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
Published by: Garima Garg
Updated Fri, 24 May 2019 02:00 PM IST
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दिल्ली विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2019-20 में बीए प्रोग्राम के बेस्ट फॉर विषयों के फॉमूले में बदलाव देखने को मिलेगा। इस बार विद्यार्थी दाखिले के लिए बेस्ट फॉर विषयों में दो भाषाओं को जोड़ सकेंगे। बीते साल तक बेस्ट फोर विषयों के फॉर्मूले में एक ही भाषा जोड़ने की अनुमति थी। छात्रों को अंग्रेजी, हिंदी व आधुनिक भारतीय भाषाओं में से किसी दो भाषाओं का चयन करना होगा।
डीयू में बृहस्पतिवार को दाखिले से जुड़े कुछ पहलुओं पर चर्चा के लिए स्टैडिंग कमेटी की बैठक हुई। कमेटी सदस्य डॉ. रसाल सिंह ने बताया कि बैठक में तय किया गया कि विद्यार्थी बेस्ट फोर के फॉर्मूले में अब दो भाषाओं को जोड़ सकेंगे। यदि कोई अन्य भाषा को जोड़ना चाहेगा तो इसकी मंजूरी नहीं होगी। यह फॉर्मूला सभी कोर्सेज के दाखिले पर लागू होगा। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। एमआईएल (मॉर्डन इंडियन लैंग्वेज-आधुनिक भारतीय भाषाएं) और कमजोर विषयों का संरक्षण व प्रोत्साहन आवश्यक है। स्टैडिंग कमेटी ने इस दिशा में अहम पहल की है। दाखिले से जुड़े जानकारों के अनुसार, भाषाओं में एक कोर व एक इलेक्टिव भाषा होती है। यदि विद्यार्थी किसी एक भाषा के लिए कोर व दूसरी भाषा के लिए इलेक्टिव का चयन करेगा तो इससे दाखिले के समय परेशानी बढ़ेगी।
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डीयू में बृहस्पतिवार को दाखिले से जुड़े कुछ पहलुओं पर चर्चा के लिए स्टैडिंग कमेटी की बैठक हुई। कमेटी सदस्य डॉ. रसाल सिंह ने बताया कि बैठक में तय किया गया कि विद्यार्थी बेस्ट फोर के फॉर्मूले में अब दो भाषाओं को जोड़ सकेंगे। यदि कोई अन्य भाषा को जोड़ना चाहेगा तो इसकी मंजूरी नहीं होगी। यह फॉर्मूला सभी कोर्सेज के दाखिले पर लागू होगा। इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। एमआईएल (मॉर्डन इंडियन लैंग्वेज-आधुनिक भारतीय भाषाएं) और कमजोर विषयों का संरक्षण व प्रोत्साहन आवश्यक है। स्टैडिंग कमेटी ने इस दिशा में अहम पहल की है। दाखिले से जुड़े जानकारों के अनुसार, भाषाओं में एक कोर व एक इलेक्टिव भाषा होती है। यदि विद्यार्थी किसी एक भाषा के लिए कोर व दूसरी भाषा के लिए इलेक्टिव का चयन करेगा तो इससे दाखिले के समय परेशानी बढ़ेगी।
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मोबाइल एप से जमा करा सकेंगे फीस
डीयू में इस बार विद्यार्थी मोबाइल एप से भी फीस का भुगतान कर सकेंगे। स्टैडिंग कमेटी ने फीस भुगतान के लिए बहु पेमेंट गेट-वे के प्रस्ताव को पास किया है। बहु पेमेंट गेट-वे में अन्य बैंकों के साथ-साथ विभिन्न एप के माध्यम शामिल होंगे।
बीए संगीत व बीए शारीरिक शिक्षा के दाखिले कट ऑफ से होंगे
बैठक में इस बात पर मुहर लगी कि डीयू में बीए संगीत व बीए शारीरिक शिक्षा में दाखिले कट ऑफ के आधार पर ही होंगे। इस तरह से बीए के अन्य कॉम्बिनेशन की तरह ही इनमें दाखिले होंगे। कट ऑफ में इन कोर्सेज के लिए भी जगह होगी। बीए के कॉम्बिनेशन ग्रुप से दूसरे ग्रुप में जाना चाहेगा तो उसे अपना दाखिला रद कराकर जाना होगा। इसके लिए जरूरी होगा कि वह दूसरे ग्रुप की कट ऑफ में आ रहा हो। बीए प्रोग्राम संगीत में दाखिले ऑडिशन व बीए प्रोग्राम शारीरिक शिक्षा में दाखिले ट्रायल के माध्यम से लेने का प्रस्ताव था।
डीयू में इस बार विद्यार्थी मोबाइल एप से भी फीस का भुगतान कर सकेंगे। स्टैडिंग कमेटी ने फीस भुगतान के लिए बहु पेमेंट गेट-वे के प्रस्ताव को पास किया है। बहु पेमेंट गेट-वे में अन्य बैंकों के साथ-साथ विभिन्न एप के माध्यम शामिल होंगे।
बीए संगीत व बीए शारीरिक शिक्षा के दाखिले कट ऑफ से होंगे
बैठक में इस बात पर मुहर लगी कि डीयू में बीए संगीत व बीए शारीरिक शिक्षा में दाखिले कट ऑफ के आधार पर ही होंगे। इस तरह से बीए के अन्य कॉम्बिनेशन की तरह ही इनमें दाखिले होंगे। कट ऑफ में इन कोर्सेज के लिए भी जगह होगी। बीए के कॉम्बिनेशन ग्रुप से दूसरे ग्रुप में जाना चाहेगा तो उसे अपना दाखिला रद कराकर जाना होगा। इसके लिए जरूरी होगा कि वह दूसरे ग्रुप की कट ऑफ में आ रहा हो। बीए प्रोग्राम संगीत में दाखिले ऑडिशन व बीए प्रोग्राम शारीरिक शिक्षा में दाखिले ट्रायल के माध्यम से लेने का प्रस्ताव था।
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