कर्नाटक: सातवीं नहीं, पांचवीं कक्षा तक ही है ऑनलाइन कक्षाओं पर प्रतिबंध, शिक्षा मंत्री ने ऐसे समझाया
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कर्नाटक में एलकेजी, यूकेजी से लेकर पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं पर प्रतिबंध की घोषणा के बाद शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार ने कहा कि ऑनलाइन कक्षाओं पर प्रतिबंध पांचवीं तक ही है, सातवीं कक्षा तक इसे बढ़ाने का केवल सुझाव है। उन्होंने कहा कि यह निर्णय केवल पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए ही है। सुरेश कुमार ने गुरुवार को कहा कि सरकार ने पांचवीं कक्षा तक के छोटे बच्चों के लिए ऑनलाइन कक्षा को प्रतिबंध करने का फैसला साझा किया था। इस प्रतिबंध को सातवीं कक्षा तक करने का केवल सुझाव है, कई लोगों ने इस निर्णय को गलत तरह से समझा है।
Karnataka Govt has decided to stop all On-line classes for LKG, UKG & classes up to 5th std.
— S.Suresh Kumar, Minister - Govt of Karnataka (@nimmasuresh) June 11, 2020
To extend this up to 7th std is only a suggestion from few cabinet ministers as expressed in an informal discussion and NOT a decision.
दरअसल, इस फैसले के बाद ऐसा भ्रम हो रहा था कि सरकार ने सातवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है। ऐसे में शिक्षा मंत्री ने ट्विटर का सहारा लेकर बताया कि सातवीं कक्षा तक के लिए ऑनलाइन कक्षाओं पर प्रतिबंध लगाने का सिर्फ सुझाव है, यह निर्णय नहीं है। गौरतलब है कि सूबे की सरकार ने बुधवार को पांचवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था। सूबे के प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री एस. सुरेश कुमार ने कहा था कि हमने राज्य में प्राइमरी कक्षाओं के बच्चों के लिए ऑनलाइन क्लास पर रोक लगा दी है। यह फैसला निमहांस के निदेशक की रिपोर्ट में की गई सिफारिश को ध्यान में रखते हुए लिया है। ऑनलाइन कक्षाएं सिर्फ छह साल से ज्यादा उम्र के बच्चों के लिए चलेंगी।
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