NMC: मई से मेडकिल कॉलेजों में चेहरे से दर्ज होगी उपस्थिति; समाप्त होगी फिंगरप्रिंट आधारित प्रणाली
NMC: एनएमसी अपने मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों में उपस्थिति प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। 1 अप्रैल से एनएमसी फिंगरप्रिंट आधारित उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया समाप्त करने वाला है, इसके स्थान पर फेस आधारित उपस्थिति प्रक्रिया लागू की जाएगी।
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NMC: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग अपने सभी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों में उपस्थिति प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। आयोग 1 मई, 2025 से उपस्थिति दर्ज करने के लिए फेस-आधारित आधार प्रमाणीकरण लागू करने वाला है। इस बदलाव का उद्देश्य उपस्थिति प्रक्रिया को बेहतर और यूजर फ्रेंडली बनाना है।
यह प्रणाली पहले से ही राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के माध्यम से विभिन्न सरकारी कार्यालयों में उपयोग में है।
फिलहाल फिंगरप्रिंट से दर्ज होती है उपस्थिति
फिलहाल उपस्थिति के लिए फिंगरप्रिंट-आधारित आधार सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (AEBAS) अपनाई जा रही है, जिसे बंद कर दिया जाएगा। इसके स्थान पर फेस-आधारित आधार प्रमाणीकरण लागू किया जाएगा। उपस्थिति दर्ज करने की अनुमति केवल मोबाइल ऐप या दीवार पर लगे उपकरणों के माध्यम से होगी।
कॉलेजों को साझा करने होंगे जीपीएस कॉर्डिनेट्स
इस बदलाव को आसान बनाने के लिए सभी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों को अपने परिसर में उन स्थानों के जीपीएस निर्देशांक (Loction) साझा करने होंगे जहां फैकल्टी मोबाइल ऐप के जरिए उपस्थिति दर्ज करेंगे। यह जानकारी कॉलेज के डीन या प्रिंसिपल के हस्ताक्षर और मुहर सहित 20 अप्रैल 2025 तक एनएमसी (NMC) को भेजनी होगी।
यह विवरण ईमेल के माध्यम से support.aebas@nmc.org.in पर भेजा जाए, जिसमें विषय पंक्ति हो - "Face AEBAS <कॉलेज का पूरा नाम> <कॉलेज का शहर>।" इसके साथ ही, कॉलेज के नोडल अधिकारी का संपर्क विवरण भी जरूर शामिल किया जाए।
एनएमसी के आधिकारिक नोटिस के अनुसार, "कॉलेज में दिए गए स्थान के 100 मीटर के दायरे में ही उपस्थिति दर्ज की जा सकेगी। कॉलेजों को उन स्थानों के जीपीएस निर्देशांक (फॉर्मेट अनुलग्नक-I में) साझा करने होंगे, जहां वे मोबाइल ऐप के माध्यम से हाजिरी की सुविधा देना चाहते हैं।"
24 अप्रैल से एप एक्टिव होगा
जैसे ही यह जानकारी एनएमसी को भेज दी जाती है, संकाय सदस्यों को अपने मोबाइल फोन में फेस-आधारित आधार प्रमाणीकरण ऐप इंस्टॉल करना होगा। यह ऐप एंड्रॉयड प्ले स्टोर और एप्पल ऐप स्टोर, दोनों पर उपलब्ध है। यह एप 24 अप्रैल 2025 से एक्टिव हो जाएगा। यदि किसी कॉलेज को तकनीकी समस्या आती है, तो उसे 30 अप्रैल 2025 से पहले एनएमसी की तकनीकी टीम को सूचित करना होगा।
1 मई 2025 से फिंगरप्रिंट आधारित आधार प्रमाणीकरण पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा और केवल फेस बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की अनुमति होगी।
सभी मेडिकल कॉलेजों और संस्थानों के डीन या प्रिंसिपलों से अपेक्षा की जाती है कि वे सुनिश्चित करें कि उनके सभी फैकल्टी मेंबर्स के मोबाइल में यह ऐप सही तरीके से इंस्टॉल और एक्टिवेट किया गया हो।
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