NEP: इंटरव्यू में पूछे जा सकते हैं नई शिक्षा नीति पर सवाल, पहले से कर लें तैयारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हर कोई बेहतर जॉब पाना चाहता है। युवाओं के लिए नौकरी का महत्व तब और बढ़ जाता है जब वे पहली नौकरी की खोज में हो। बता दें कि हाल ही में मोदी कैबिनेट ने नई शिक्षा नीति को मंजूरी दी। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर और रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने घोषणा करते हुए कहा कि सभी उच्च शिक्षा संस्थानों के लिए एक ही नियामक होगा व एमफिल को खत्म किया जाएगा। इसके लिए कई ऐसे बदलावों से रूबरू करवाया, जो हमारी शिक्षा को एक उच्च स्तर पर लेकर जाएंगे। ऐसे में मुमकिन है कि इंटरव्यू में एनईपी से संबंधित सवालों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए उम्मीदवारों की सलाह दी जाती है कि वे पहले ही तैयारी कर लें। इंटरव्यू में कुछ बिंदुओं पर पूछे जा सकते हैं सवाल। पढ़ते हैं आगे...
नई शिक्षा नीति में दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं के महत्व को कम किया जाएगा। साल में दो बार बोर्ड परीक्षाएं होंगी, लेकिन विद्यार्थियों पर अब बोर्ड परीक्षाओं का दबाव कम हो जाएगा। विद्यार्थियों को बोर्ड परीक्षाएं पास करने के लिए कोचिंग की जरूरत नहीं होगी।
बोर्ड परीक्षाओं का विभाजन-
बोर्ड परीक्षाओं को दो हिस्सों- वस्तुनिष्ठ और व्याख्त्मक श्रेणियों में विभाजित किया गया है।परीक्षा में मुख्य जोर ज्ञान के परीक्षण पर होगा ताकि छात्रों में रटने की प्रवृत्ति खत्म हो। विभिन्न बोर्ड आने वाले वक्त में बोर्ड परीक्षाओं के प्रैक्टिकल मॉडल को तैयार करेंगे।
5+3+3+4 का महत्व-
नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा तीन, पांच एवं आठवीं में भी परीक्षाएं होगीं। 10वीं व 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं बदले स्वरूप में होंगी। बोर्ड परीक्षाओं को लेकर ये अहम बदलाव 2022-23 वाले सत्र से लागू करने की मंशा है। दरअसल, 10+2 की जगह नई शिक्षा नीति में 5+3+3+4 की बात की गई है।
हर जिले में उच्च शिक्षण संस्थान और नेशनल रिसर्च फाउंडेशन-
नई शिक्षा नीति में शोध के लिए नेशनल रिसर्च फाउंडेशन स्थापित करने की बात कही गई है।
उच्च शिक्षण संस्थानों को बहु विषयक संस्थानों में बदला जाएगा।
2030 तक हर जिले में एक उच्च शिक्षण संस्थान स्थापित किया जाएगा।
कला, संगीत, शिल्प, खेल, योग, सामुदायिक सेवा को मिली पाठ्यक्रम में जगह-
ऑनलाइन शिक्षा के लिए क्षेत्रीय भाषाओं में कंटेट तैयार होगा, वर्चुअल लैब, डिजिटल लाइब्रेरी, स्कूलों, शिक्षकों और छात्रों को डिजिट संसाधनों से लैस किया जाएगा। कला, संगीत, शिल्प, खेल, योग, सामुदायिक सेवा जैसे सभी विषयों को भी पाठ्यक्रम में शामिल किया जाएगा।
छठी कक्षा में हुए बदलाव-
अब छठी कक्षा से ही बच्चे को प्रोफेशनल और स्किल की शिक्षा दी जाएगी। स्कूल में ही बच्चे को नौकरी के जरूरी प्रोफेशनल शिक्षा दी जाएगी। पांचवीं तक और जहां तक संभव हो सके आठवीं तक मातृभाषा में ही शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
क्या है नेशनल एसेसमेंट सेंटर?
नेशनल एसेसमेंट सेंटर बनाया जाएगा जो बच्चों के सीखने की क्षमता का वक्त-वक्त पर परीक्षण करेगा।
कमेंट
कमेंट X