फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   National Education Policy (नई शिक्षा नीति) 2020: Educationist JS Rajput Says, Board Stress Over, Exam Will Be On Demand In New Education Policy 2020

New Education Policy 2020: बोर्ड का तनाव खत्म,ऑन डिमांड होगी परीक्षा

Fri, 31 Jul 2020 10:37 AM IST
संजीव कुमार झा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Fri, 31 Jul 2020 10:37 AM IST
विज्ञापन
National Education Policy (नई शिक्षा नीति) 2020: Educationist JS Rajput Says, Board Stress Over, Exam Will Be On Demand In New Education Policy 2020
student at school - फोटो : पीटीआई

राष्ट्रीय शिक्षा नीति बनाने वाली समिति के पूर्व सदस्य और विख्यात शिक्षाविद प्रो. जेएस राजपूत का कहना है कि नई नीति से छात्रों और अभिभावकों का तनाव दूर होगा। इसका सबसे ज्यादा फायदा बोर्ड परीक्षा देने वाले छात्रों को होगा, क्योंकि नई नीति में परीक्षा दो बार करने का विकल्प होगा। आने वाले समय में बोर्ड परीक्षा ऑन डिमांड होगी।

विज्ञापन


राजपूत कहते हैं कि यदि एक बार परीक्षा तैयारी की कमी या किसी कारण से नहीं दे पाते, तो दोबारा मौका मिलेगा। नौंवी से छात्र मनपसंद विषय चुन सकेंगे। इससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा। अभी तक नेशनल ओपन स्कूल बोर्ड में ऑन डिमांड परीक्षा होती है, आने वाले समय में सभी स्कूलों में के लिए ऐसा ही होगा।
विज्ञापन


छात्र तैयारी के आधार पर तय करेगा कि कब परीक्षा देनी है और कौन से विषयों को चुनना है। अब स्कूल से निकलने वाले छात्र के पास अपना पोर्टफोलियो होगा कि वह किन क्षेत्रों में निपुण हैं। इसके आधार पर आगे किस क्षेत्र में भविष्य बनाना है, उसका फैसला कर सकेगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

नर्सरी का फिर होगा खाका तैयार

अब तक नर्सरी कक्षा की पढ़ाई प्री स्कूल में होती थी, लेकिन अब स्कूली पाठ्यक्रम का हिस्सा होगी। इसलिए इसका पूरा खाका दोबारा तैयार होगा। आंगनबाड़ी केंद्र स्कूलों से जुड़ेंगे। इसमें सुविधाओं से लेकर शिक्षकों की भी ट्रेनिंग पर काम होगा।

संतुष्ट शिक्षक ही देगा बेहतर शिक्षा

प्रो राजपूत कहते हैं कि शिक्षक ही बच्चे का निर्माता होता है। ऐसे में शिक्षकों को संतुष्ट और सही प्रशिक्षण जरूरी है। इसलिए शिक्षकों के प्रशिक्षण पर जोर दिया गया है। प्रशिक्षण के लिए चार वर्षीय पाठ्यक्रम बनेगा। उनकी सुविधाओं में बढ़ोतरी होगी, ताकि वे संतुष्ट होकर शिक्षण का काम करें।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed