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डीयू एडमिशन: हेल्पलाइन पर पूछे जा रहे अजीबो-गरीब सवाल, दुविधा में काउंसलर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दिल्ली
Updated Sun, 15 Jul 2018 11:19 PM IST
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DU admission
- फोटो : अमर उजाला
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दिल्ली यूनिवर्सिटी में दाखिलों के मद्देनजर स्टूडेंट्स और उनके अभिभावकों की ओर से डीयू एडमिशन हेल्पलाइन पर रोजाना 120-130 कॉल्स आ रही हैं। दाखिला फार्म को भरने में हो रही त्रुटियों को ठीक करने के संबंध में ये कॉल्स आ रही हैं।
खास बात यह है कि कुछ कॉल्स ऐसी भी आई जिनका हेल्पलाइन काउंसलर के पास कोई जवाब नहीं था, जिस कारण काउंसलर दुविधा में हैं।
गत 7 मई से डीयू में दाखिले के लिए एडमिशन हेल्पलाइन शुरू की गई है।
हेल्पलाइन के एक काउंसलर ने बताया कि कॉल्स पर बहुत से छात्रों ने बताया कि आवेदन पत्रों में उनके अभिभावकों ने गलती से अपना खुद का विवरण भर दिया है। अब वह उस गलती को ठीक करना चाहते हैं।
वहीं, एक अन्य युवक ने काउंसलर को बताया कि उसने अपनी बहन का दाखिला फॉर्म भरते समय अपना खुद का नाम फार्म में भर दिया है, जिस कारण उसकी बहन को गर्ल्स कॉलेज में दाखिला नहीं मिल पाएगा।
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खास बात यह है कि कुछ कॉल्स ऐसी भी आई जिनका हेल्पलाइन काउंसलर के पास कोई जवाब नहीं था, जिस कारण काउंसलर दुविधा में हैं।
गत 7 मई से डीयू में दाखिले के लिए एडमिशन हेल्पलाइन शुरू की गई है।
हेल्पलाइन के एक काउंसलर ने बताया कि कॉल्स पर बहुत से छात्रों ने बताया कि आवेदन पत्रों में उनके अभिभावकों ने गलती से अपना खुद का विवरण भर दिया है। अब वह उस गलती को ठीक करना चाहते हैं।
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वहीं, एक अन्य युवक ने काउंसलर को बताया कि उसने अपनी बहन का दाखिला फॉर्म भरते समय अपना खुद का नाम फार्म में भर दिया है, जिस कारण उसकी बहन को गर्ल्स कॉलेज में दाखिला नहीं मिल पाएगा।
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वहीं, दूसरी ओर काउंसलर के पास ऐसी भी कॉल्स आई, जिनके जवाब देना उनके लिए मुश्किल हो गया। छात्र ने काउंसलर को बताया कि उसने फार्म के लिंग कॉलम में ‘अन्य’ भर दिया है।
वह छह महीने के भीतर महिला बनने के लिए लिंग परिवर्तन संबंधी सर्जरी कराएगा। ऐसे में उसे क्या करना चाहिए? इस सवाल के लिए काउंसलर के पास कोई जवाब नहीं था।
इसी बीच एक अन्य सवाल यह था कि उम्मीदवार प्रवेश परीक्षा के लिए अपना एडमिट कार्ड बनाने में सक्षम नहीं हो पाया या शुल्क का भुगतान करने में सफल नहीं हो पाया। कई मामलों में उम्मीदवारों ने दो फार्म भर दिए और दोनों फार्म पर एडमिट कार्ड बन गया, लेकिन वे इन आवेदनों में से एक पर ही परीक्षा दे सकते हैं।
काउंसलर ने कहा कि प्रवेश परीक्षा पास करने के बाद वे आम तौर पर यह भूल जाते हैं कि उन्होंने किस एडमिट कार्ड पर प्रवेश परीक्षा दी थी और उस फार्म पर औपचारिकताएं पूरी करनी शुरू कर दीं, जिस पर उन्होंने परीक्षा नहीं दी थी। हेल्पलाइन पर पूछे जा रहे अजीबो-गरीब सवाल काउंसलरों के लिए परेशानी बढ़ा रहे हैं।
वह छह महीने के भीतर महिला बनने के लिए लिंग परिवर्तन संबंधी सर्जरी कराएगा। ऐसे में उसे क्या करना चाहिए? इस सवाल के लिए काउंसलर के पास कोई जवाब नहीं था।
इसी बीच एक अन्य सवाल यह था कि उम्मीदवार प्रवेश परीक्षा के लिए अपना एडमिट कार्ड बनाने में सक्षम नहीं हो पाया या शुल्क का भुगतान करने में सफल नहीं हो पाया। कई मामलों में उम्मीदवारों ने दो फार्म भर दिए और दोनों फार्म पर एडमिट कार्ड बन गया, लेकिन वे इन आवेदनों में से एक पर ही परीक्षा दे सकते हैं।
काउंसलर ने कहा कि प्रवेश परीक्षा पास करने के बाद वे आम तौर पर यह भूल जाते हैं कि उन्होंने किस एडमिट कार्ड पर प्रवेश परीक्षा दी थी और उस फार्म पर औपचारिकताएं पूरी करनी शुरू कर दीं, जिस पर उन्होंने परीक्षा नहीं दी थी। हेल्पलाइन पर पूछे जा रहे अजीबो-गरीब सवाल काउंसलरों के लिए परेशानी बढ़ा रहे हैं।
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