फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

कमेंट

कमेंट X

😊अति सुंदर 😎बहुत खूब 👌अति उत्तम भाव 👍बहुत बढ़िया.. 🤩लाजवाब 🤩बेहतरीन 🙌क्या खूब कहा 😔बहुत मार्मिक 😀वाह! वाह! क्या बात है! 🤗शानदार 👌गजब 🙏छा गये आप 👏तालियां ✌शाबाश 😍जबरदस्त
Hindi News ›   Education ›   Kerala launches books for parents to support their children's educational needs

Kerala: बच्चों की शैक्षिक जरूरतें समझने में माता-पिता की मदद करेंगी किताबें, इस राज्य सरकार की अनोखी पहल

Fri, 18 Oct 2024 03:56 PM IST
आकाश कुमार एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: आकाश कुमार Updated Fri, 18 Oct 2024 03:56 PM IST
सार

Kerala: केरल सरकार ने माता-पिता के लिए किताबों का एक सेट जारी किया। राज्य के सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने 'पैरेंट्स विद द ग्रोइंग चाइल्ड' शीर्षक वाली चार किताबों का सेट जारी किया है। ये किताबें माता-पिता को बच्चों की शैक्षिक जरूरतें समझने में मदद करेंगी।
 

विज्ञापन
Kerala launches books for parents to support their children's educational needs
Books - फोटो : Freepik

विस्तार

Kerala: केरल सरकार ने शुक्रवार को एक अभिनव पहल करते हुए किताबों का एक सेट जारी किया। किताबों का यह सेट पढ़ने वाले बच्चों के माता-पिता के लिए जारी किया गया है, जिससे माता-पिता को अपने बच्चों की प्री-प्राइमरी से लेकर हायर सेकेंडरी स्तर तक की शिक्षा संबंधी आवश्यकताओं को समझ सकें और उनका समर्थन किया जा सके।

विज्ञापन


एक सरकारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि 'पैरेंट्स विद द ग्रोइंग चाइल्ड' शीर्षक वाली चार किताबों के सेट को राज्य के सामान्य शिक्षा मंत्री वी शिवनकुट्टी ने जारी किया। ये किताबें माता-पिता को अपने बच्चों की वृद्धि, विकास और सीखने की जरूरतों के बारे में विस्तृत मार्गदर्शन प्रदान करती हैं।
विज्ञापन


पुस्तक जारी होने के बाद बोलते हुए मंत्री ने कहा, "केरल हमेशा से ही कई अनुकरणीय पहलों के साथ शिक्षा में अग्रणी रहा है। यह नई परियोजना माता-पिता, स्कूलों और बच्चों के बीच साझेदारी को और मजबूत करती है, जिससे छात्रों का व्यापक विकास सुनिश्चित होता है।"
विज्ञापन
विज्ञापन


विज्ञप्ति में कहा गया है कि सरकारी स्कूलों में छात्रों के माता-पिता के लिए डिजाइन की गई ये पुस्तकें प्री-प्राइमरी, लोअर प्राइमरी, अपर प्राइमरी और हाई स्कूल-हायर सेकेंडरी स्तरों के विभिन्न शैक्षिक चरणों के अनुरूप हैं।

केरल मछुआरों के बच्चों को संगीत, खेल, कला की कक्षाओं के माध्यम से पढ़ाई छोड़ने से रोक रहा है। इसमें आगे कहा गया है, "ये पुस्तकें केवल पढ़ने की सामग्री नहीं हैं, बल्कि शिक्षा विभाग द्वारा संचालित किए जाने वाले वैज्ञानिक, संरचित अभिभावक शिक्षा कार्यक्रम की नींव रखती हैं। प्रशिक्षित शिक्षकों के मार्गदर्शन में, इन पुस्तकों की सामग्री को पूरे राज्य में अभिभावकों के साथ साझा किया जाएगा।" 

विज्ञप्ति के अनुसार, सिवनकुट्टी ने इस बात पर जोर दिया कि पाठ्यक्रम सुधार के हिस्से के रूप में माता-पिता की शिक्षा पर विशेष फोकस समूह स्थापित करने वाला केरल भारत का एकमात्र राज्य है।

उन्होंने कहा कि आज जारी की गई पुस्तकें समूह की रिपोर्ट की प्रमुख सिफारिशों में से एक थीं। विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने कहा, "माता-पिता की चिंताओं और आकांक्षाओं को स्वीकार करके, ये पुस्तकें सार्वजनिक शिक्षा में सक्रिय भागीदारी को बढ़ाएंगी और केरल की शैक्षिक नींव को मजबूत करेंगी।"


केरल सरकार को विश्वास है कि ये पुस्तकें माता-पिता की अपने बच्चों की शिक्षा में भागीदारी को और बढ़ाएंगी, जिससे सार्वजनिक शिक्षा में अग्रणी के रूप में राज्य की स्थिति मजबूत होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें शिक्षा समाचार आदि से संबंधित ब्रेकिंग अपडेट।

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed