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कर्नाटक: 3 साल में खोले जाएंगे 16 विश्वविद्यालय और 34 संस्थान
Tue, 18 Aug 2020 06:03 PM IST
ललित फुलारा
एजुकेशन डेस्क,अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क,अमर उजाला
Published by: ललित फुलारा
Updated Tue, 18 Aug 2020 06:03 PM IST
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विद्यार्थी (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
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कर्नाटक में अगले तीन साल में 16 विश्वविद्यालय और 34 संस्थान खोले जाएंगे। सूबे की सरकार इन विश्वविद्यालयों व स्वायत्त शिक्षण संस्थानों की स्थापना करेगी। इस बात की जानकारी खुद सूबे के उपमुख्यमंत्री व उच्च शिक्षा मंत्री ने दी है।
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राज्य के उपमुख्यमंत्री तथा उच्च शिक्षा मंत्री डॉक्टर सी एन अश्वत्थ नारायण ने सोमवार को कहा कि सूबे में तीन साल में 16 विश्वविद्यालय और 34 शिक्षण संस्थान खोले जाएंगे। उन्होंने कहा कि नए संस्थानों की स्थापना का उद्देश्य 2030 तक नई शिक्षा नीति के लक्ष्य हासिल करना है। उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार तीन साल में छह अनुसंधान केंद्रित विश्वविद्यालयों, दस अध्यापन केंद्रित विश्वविद्यालयों और 34 स्वायत्त शिक्षण संस्थानों की स्थापना करेगी।
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गौरतलब है कि 34 साल बाद भारत की शिक्षा नीति के तहत स्कूली शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा में कई अहम बदलाव हुए हैं और ये के. कस्तूरीरंगन की अध्यक्षता में बनी है। नई शिक्षा नीति में दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में बड़े बदलाव किए गए हैं। बोर्ड की परीक्षाएं होंगी, लेकिन इनके महत्व को कम किया जाएगा। साल में दो बार बोर्ड परीक्षाएं होंगी, लेकिन विद्यार्थियों पर अब बोर्ड परीक्षाओं का दबाव कम हो जाएगा। विद्यार्थियों के रटने की प्रवृत्ति को कम करने के लिए विषयों के कॉन्सेप्ट और ज्ञान को महत्व दिया गया है।नई शिक्षा नीति में छात्र स्नातक में चार साल का पाठ्यक्रम पढ़ेंगे। इसमें भी विकल्प दिया गया है। जो विद्यार्थी ग्रेजुएशन के बाद नौकरी करना चाहते हैं एवं हायर एजुकेशन में नहीं जाना चाहते, उनके लिए तीन साल की डिग्री रखी गई है। वहीं, शोध में जाने वाले विद्यार्थियों के लिए चार साल की डिग्री रखी गई है।
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