Education: 2025 तक एक करोड़ छात्रों को इंटर्नशिप, इंजीनियरिंग-आर्किटेक्चर सहित अन्य कोर्सेज के छात्रों को लाभ
प्रधानमंत्री का मानना है कि किताबी पढ़ाई के साथ कौशल विकास और फिर कैंपस से डिग्री लेकर निकलने से पहले इंटर्नशिप के माध्यम से ट्रेनिंग होनी चाहिए। इंटर्नशिप योजना के माध्यम से छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ कौशल विकास में दक्ष करना है।
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देशभर के उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए राहत की खबर है। अब उन्हें डिग्री लेने से पहले प्रोफेशनल और काम की ट्रेनिंग भी मिलेगी। स्नातक डिग्री प्रोग्राम की पढ़ाई के साथ ही घर बैठे उनकी पसंद के क्षेत्रों में इंटर्नशिप का मौका भी मिल रहा है।
नेशनल इंटर्नशिप पोर्टल के माध्यम से वर्ष 2025 तक एक करोड़ छात्राें को इंटर्नशिप करवाई जाएगी। इसमें इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर, मैनेजमेंट, नर्सिंग, फार्मेसी, आर्ट्स से लेकर अन्य पाठ्यक्रमों के छात्रों को लाभ मिलेगा। वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर एआईसीटीई इंटर्नशिप पोर्टल को नेशनल इंटर्नशिप पोर्टल में तब्दील कर दिया है।
प्रधानमंत्री का मानना है कि किताबी पढ़ाई के साथ कौशल विकास और फिर कैंपस से डिग्री लेकर निकलने से पहले इंटर्नशिप के माध्यम से ट्रेनिंग होनी चाहिए। इंटर्नशिप योजना के माध्यम से छात्रों को किताबी ज्ञान के साथ-साथ कौशल विकास में दक्ष करना है। इंटर्नशिप योजना का मकसद उच्च शिक्षा के छात्रों को डिग्री लेने के साथ भविष्य की जरूरतों के आधार पर तैयार करना है। किताबी ज्ञान से वह विषयों को तो समझ लेते हैं पर इंटर्नशिप में प्रैक्टिकल नॉलेज मिलेगी। इससे छात्रों और कंपनी दोनों को लाभ होगा। इसमें छात्रों को सरकारी विभागों, 40 लाख छात्रों को एमएसएमई, 10 लाख छात्रों को स्टार्टअप, 15 लाख छात्रों को मल्टीनेशनल, रिसर्च व एनजीओ में इंटर्नशिप करवाई जाएगी। इससे पहले एआईसीटीई इंटर्नशिप पोर्टल पर पिछले दो साल में 29 लाख छात्रों को इंटर्नशिप करवाई जा चुकी है, जबकि इस पोर्टल पर अभी तक दो करोड़ से अधिक छात्र, करीब 10721 विश्वविद्यालय व कॉलेज और 72000 से अधिक कंपनियां पंजीकृत हो चुकी हैं।
पंजीकरण संग पूरा प्रोफाइल करना होता है अपलोड
पोर्टल पर छात्र और कंपनी दोनों को पंजीकरण के साथ अपना पूरा प्रोफाइल अपलोड करना होता है। इसमें छात्र को अपने कोर्स, कौशल विकास के साथ भाषा और मनपसंद कोर्स की भी जानकारी देनी होती है। वहीं, कंपनियां अपने विज्ञापन अपलोड करती हैं। छात्र के पंजीकरण करने के बाद प्रोफाइल में दी गई सभी जानकारियों को उनका कॉलेज क्राॅस चेक करता है। इसके आधार पर कंपनियां छात्र का स्वयं चयन करती हुईं कॉल करती हैं।
सरकारी, निजी के साथ अब पीएसयू भी शामिल
पोर्टल के माध्यम से छात्रों को सरकारी, निजी के अलावा सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम (पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग) में भी इंटर्नशिप का मौका मिल रहा है। नई शिक्षा नीति 2020 के तहत इंटर्नशिप और कैंपस प्लेसमेंट पॉलिसी में बदलाव करके पीएसयू को भी शामिल किया है। इंटर्नशिप पॉलिसी में भी बदलाव किया गया है। इससे पहले छात्रों के पास मल्टीनेशनल कंपनी में ही इंटर्नशिप का विकल्प होता था, लेकिन अब छात्रों को डिग्री से पहले, दूसरे से तीसरे वर्ष ही इन पीएसयू में स्टाइपेंड संग इंटर्नशिप का मौका मिलेगा। छात्रों को घर बैठे देश के सभी राज्यों और शहरों में इंटर्नशिप और रोजगार की जानकारी मिल सकेगी। यहां पर खादी इंडिया, सिसको, माइक्रोसॉफ्ट इंडिया, सोशल जस्टिस इंपावरमेंट नशा मुक्त भारत अभियान, टयूलिप, एनसीडीसी, एयरोस्पेस,अर्बन वाटर इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट सिटी, एनएचएआई और कॉरपोरेट आदि भी शामिल हैं।
राज्य, शहर व वेतन छात्र खुद करेंगे पसंद
नेशनल इंटर्नशिप पोर्टल पर इंटर्नशिप से लेकर प्लेसमेंट की जानकारी उपलब्ध करवाई गई है। यहां 28 राज्यों और आठ केंद्र शासित प्रदेशों के नाम सहित सूची अपलोड की गई है। छात्रों को यूपी, उत्तराखंड, चंडीगढ़, दिल्ली, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, गोवा, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पंजाब, बिहार, तमिलनाडूृ, केरल, महाराष्ट्र, गुजरात ,राजस्थान आदि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में अपनी पसंद के आधार पर इंटर्नशिप का विकल्प मिलेगा। छात्र अपनी पसंद के आधार पर अब राज्य, शहर का विकल्प चुनेंगे तो उनके सामने क्षेत्र से लेकर वेतन और समय अवधि की भी जानकारी मिल जाएगी।
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