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Hindi News ›   Education ›   Indian Students Lag In Skills Needed For 21st Century: UNICEF

यूनिसेफ ने कहा- भारतीय छात्रों में 21वीं सदी का कौशल नहीं!

Thu, 07 Nov 2019 09:04 PM IST
Mohit Mudgal एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Mohit Mudgal Updated Thu, 07 Nov 2019 09:04 PM IST
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Indian Students Lag In Skills Needed For 21st Century: UNICEF
unicef - फोटो : unicef

ग्लोबल बिजनेस कोएलिशन फॉर एजुकेशन, शिक्षा आयोग और यूनिसेफ ने दक्षिण एशियाई देशों युवाओं को लेकर डाटा जारी किया है। इस डाटा के हिसाब से अगले दशक में 54 प्रतिशत दक्षिण एशियाई युवक अच्छी नौकरी के लिए आवश्यक कौशल के बिना ही स्कूल पास कर लेंगे। दक्षिण एशियाई देशों की लगभग आधी जनसंख्या (1.8 अरब) 24 वर्ष से कम आयु की है। साल 2040 तक दक्षिण एशियाई देशों में विश्व की सबसे ज्यादा युवा श्रम शक्ति होगी। 

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डाटा के अनुसार 21 वीं सदी में काम के लिए आवश्यक कौशल वाले युवाओं की अगली पीढ़ी तैयार करने में दक्षिण एशिया कई अन्य क्षेत्रों से पीछे है। दक्षिण एशिया इस मामले में वैश्विक औसत से भी काफी नीचे है। बता दें कि इन दक्षिण एशियाई देशों में भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश भी शामिल हैं। 
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यूनिसेफ के कार्यकारी निदेशक, हेनरीटा फोरे के अनुसार रोजाना करीब एक लाख दक्षिण एशियाई युवा श्रम बाजार में 21वीं नौकरी के लिए आते है पर उसमें से लगभग आधे युवा निराश लौट जाते हैं। दक्षिण एशिया एक महत्वपूर्ण केंद्र है जिसके लिए ये समय काफी उपयोगी साबित हो सकता है, अगर वे अपने युवाओं को काबिल बना सकें। यदि वे ऐसा करने में कामयाब होते हैं तो लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकाला जा सकता और यदि नहीं तो इस क्षेत्र का विकास लड़खड़ा जाएगा, युवाओं मेें निराशा बढ़ेगी और प्रतिभा अन्य क्षेत्रों में खो जाएगी।
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हाल ही में 32,000 युवाओं पर यूनिसेफ के 'वॉयस ऑफ यूथ' सर्वेक्षण में सामने आया है कि 24 साल से कम उम्र के बच्चों के बीच चिंता है कि वे आधुनिक अर्थव्यवस्था के लिए कितने तैयार हैं। पोल के अनुसार, दक्षिण एशिया में ज्यादातर युवा महसूस करते हैं कि उनकी शिक्षा प्रणाली पुरानी है और उन्हें रोजगार के लिए तैयार नहीं किया गया है।


यूनिसेफ द्वारा कमीशन की गई एक अलग रिपोर्ट में युवाओं के बीच बढ़ते कौशल के अंतर को संबोधित करने के लिए मुख्य बाधाओं की पहचान की है। रिपोर्ट के अनुसार शिक्षा की निम्न गुणवत्ता और खराब व्यावसायिक प्रशिक्षण इसके मुख्य कारण है। अर्न्स्ट एंड यंग इंडिया द्वारा संकलित की गई इस रिपोर्ट में युवाओं को कौशल संकट से निपटने के लिए 30 समाधान दिए गए हैं।

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