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Coronavirus in india: कोरोना के प्रभाव का अध्ययन करेंगे उच्च शिक्षण संस्थान
Sun, 14 Jun 2020 07:18 AM IST
संजीव कुमार झा
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sun, 14 Jun 2020 07:18 AM IST
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- फोटो : पीटीआई
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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने देशभर के 750 विश्वविद्यालयों और 45 हजार कॉलेजों को अपने आसपास के पांच से छह गांवों को गोद लेकर वहां कोविड-19 पर अध्ययन करने के लिए पत्र लिखा है। इसमें संस्थानों को ग्रामीण इलाकों में जाकर कोविड-19 के प्रति जागरूकता और बचाव आदि की रिपोर्ट बनाकर 30 जून को आयोग को सौंपनी है।
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खास बात यह है कि संस्थानों को कोविड-19 के साथ-साथ यह भी रिपोर्ट बनानी है कि 1918 में स्पैनिश फ्लू का भारत में क्या प्रभाव पड़ा था। यूजीसी के सचिव प्रो. रजनीश जैन की ओर से सभी राज्यों और विश्वविद्यालयों व उच्च शिक्षण संस्थानों को पत्र लिखा गया है। प्रो. जैन ने लिखा है कि सरकार कोविड-19 के बचाव को लेकर बहुत काम कर रही है।
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हालांकि ग्रामीण इलाकों की अलग से रिपोर्ट बननी चाहिए। इसलिए सभी संस्थानों को अपने आसपास के पांच या छह गांवों को गोद लें। इसमें उन्हें देखना होगा कि ग्रामीण इलाकों में कोविड-19 के बचाव को लेकर किस प्रकार का अभियान चलाया जा रहा है।
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इस महामारी से बचने के लिए ग्रामीणों में किस प्रकार की जागरूकता है। इन सबकी एक रिपोर्ट तैयार की जाए। इसी के साथ-साथ 1918 में जब स्पैनिश फ्लू फैला था तो भारत में उसके क्या प्रभाव पड़े, खासकर गांवों में। इन दोनों की अलग-अलग रिपोर्ट बनाकर आयोग के यूनिवर्सिटी एक्टिविटी मॉनिटरिंग पोर्टल पर भेजनी होगी।
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