जेईई मेन : केंद्रीय शिक्षा मंत्री बोले- महामारी में शिक्षण संस्थान बंद होने के बावजूद छात्रों का बेहतरीन प्रदर्शन
दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति ने बताया कि जेईई मेन रिजल्ट से फिलहाल आईआईटी दाखिले में कोई अंतर नहीं पड़ेगा। जेईई मेन के इस साल के रिजल्ट से एनआईटी, आईआईआईटी, डीटीयू, एनएसयूटी समेत कई बड़े इंजीनियरिंग कॉलेजों के दाखिले में होगा।
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कोरोना महामारी के कारण शिक्षण संस्थान से लेकर कोचिंग सेंटर तक बंद थे। इसके बावजूद जेईई मेन 2021 में छात्रों ने आजतक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया है। दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रो योगेश सिंह ने बताया, जेईई मेन रिजल्ट से फिलहाल आईआईटी दाखिले में कोई अंतर नहीं पड़ेगा, क्योंकि वहां जेईई एडवांस की मेरिट से दाखिला होना है, जोकि मेन से अलग बहुत कठिन परीक्षा होती है। हालांकि, जेईई मेन के इस साल के रिजल्ट से एनआईटी, आईआईआईटी, डीटीयू, एनएसयूटी समेत कई बड़े इंजीनियरिंग कॉलेजों के दाखिले में होगा। क्योंकि अब क्लोजिंग रैंक भी हाई रहेगी।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री बोले, दोबारा अच्छे से तैयारी करें असफल छात्र
जेईई मेन 2021 में सफल होने वाले सभी छात्रों का मैं बधाई देता हूं। जो सफल नहीं हुए हैं, वो दोबारा अच्छे से तैयारी करें। -धमेंद्र प्रधान, केंद्रीय शिक्षा मंत्री, शिक्षा मंत्रालय।
कोरोना छात्रों के लिए वरदान साबित हुआ
आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र और डायरेक्टर फिटजी, प्रो आरएल त्रिखा ने बताया कि कोरोना महामारी छात्रों के लिए वरदान साबित हुई है। क्योंकि शिक्षण संस्थान बंद होने से उन्होंने घूमने और फिल्म देखने की बजाय पढ़ाई पर फोकस रखा। दूसरा, मेरा यह मानना है कि प्रतियोगिता परीक्षा के प्रदर्शन में कोचिंग सेंटर का श्रेय 5 फीसदी और बाकी 95 फीसदी अभिभावकों का होता है। अब हर समय वे अपने माता-पिता के साथ थे, इसलिए जेईई मेन के रिजल्ट ने सारे रिकार्ड तोड़ दिए हैं।
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