Amar Ujala Samvad: आज अमर उजाला संवाद में शिक्षा पर चर्चा, शिक्षा मंत्री प्रधान इन अहम मुद्दों पर करेंगे बात
Amar Ujala Samvad: स्वतंत्र भारत के इतिहास में धर्मेंद्र प्रधान सबसे लंबे समय तक पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री रहे हैं। आज अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री से कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। ऐसे में आइए शिक्षा मंत्री के बारे में थोड़ा जानें...
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Amar Ujala Samvad: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद प्रधान आज अमर उजाला के मंच पर होंगे। दो दिवसीय कार्यक्रम- अमर उजाला संवाद हरियाणा के अंतिम दिन महामंथन के दौरान शिक्षा मंत्री प्रधान देश के युवाओं से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे। शिक्षा मंत्री के साथ राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में पेपर लीक, स्कूलों में छात्र-शिक्षक अनुपात और राष्ट्रीय शिक्षा नीति जैसे ज्वलंत मुद्दों पर बातचीत हो सकती है। महामंथन में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद रहेंगे।
गौरतलब है कि गुरुग्राम में सोमवार को शुरू हुए अमर उजाला संवाद हरियाणा संस्करण में शिक्षा, सियासत, कला, खेल और आध्यात्म जगत की दिग्गज हस्तियों ने अपने विचार रखे। गुरुग्राम में अमर उजाला के मंच पर भाजपा सांसद कंगना रनौत, कांग्रेस नेता सचिन पायलट, पूर्व क्रिकेटर वीरेंद्र सहवाग, कला जगत के सुमेध और आध्यात्म जगत से नित्यानंद चरण दास जैसे कद्दावर शख्सियत पहुंचे। इन लोगों ने जीवन में कामयाबी पाने और खुश रहने का मंत्र साझा किया।
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान
धर्मेंद्र प्रधान एक भारतीय राजनेता हैं जो वर्तमान में 2024 के लोकसभा चुनावों के बाद नवगठित सरकार में शिक्षा मंत्री और कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है। प्रधान ने ओडिशा के संबलपुर निर्वाचन क्षेत्र के 2024 के लोकसभा चुनावों में 49.48 प्रतिशत वोट शेयर के साथ जीत हासिल की।
इससे पहले, वे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री और इस्पात मंत्री भी रह चुके हैं। संसद सदस्य (एमपी) के रूप में, प्रधान राज्यसभा में मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हैं और पहले 14वीं लोकसभा के सदस्य थे। जुलाई 2021 में कैबिनेट फेरबदल के बाद रमेश पोखरियाल की जगह प्रधान दूसरे नरेंद्र मोदी मंत्रालय में शिक्षा मंत्री बने।
तालचेर शहर से ताल्लुक रखने वाले प्रधान का जन्म 26 जून 1969 को ओडिशा में हुआ था। वे देबेंद्र प्रधान के बेटे हैं जो 1999 से 2004 के बीच वाजपेयी सरकार में राज्य मंत्री भी रहे थे।
स्वतंत्र भारत के इतिहास में धर्मेंद्र प्रधान सबसे लंबे समय तक पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री रहे हैं। उन्हें "उज्ज्वला पुरुष" के नाम से जाना जाता है क्योंकि 2016 में शुरू की गई प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) की सफलता का श्रेय उन्हें ही जाता है।
शिक्षा
धर्मेंद्र प्रधान ने उत्कल विश्वविद्यालय, भुवनेश्वर से मानव विज्ञान में स्नातकोत्तर किया और युवाओं से जुड़े मुद्दों जैसे कि बेरोजगारी, कौशल आधारित शिक्षा की कमी, किसानों के पुनर्वास और पुनर्स्थापन पर भी काम किया और ओडिशा में युवाओं को संगठित करने में प्रमुख भूमिका निभाई। ओडिशा के तालचेर कॉलेज में उच्चतर माध्यमिक छात्र के रूप में अध्ययन करते समय वे ABVP के कार्यकर्ता बन गए और बाद में उन्हें तालचेर कॉलेज के छात्र संघ का अध्यक्ष नियुक्त किया गया।
राजनीतिक करियर
प्रधान ने अपना राजनीतिक जीवन 1983 में ABVP कार्यकर्ता के रूप में शुरू किया और इसके सचिव चुने गए। उन्होंने बिहार में चुनाव प्रभारी और उत्तराखंड, कर्नाटक, ओडिशा और झारखंड में पार्टी मामलों के प्रभारी के रूप में भी काम किया।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विभिन्न पदों पर कार्य करने के बाद वे 2004 में देवगढ़ से लोकसभा के लिए चुने गए। वे मध्य प्रदेश और बिहार से दो-दो बार राज्यसभा के सदस्य भी चुने गए।
समाज और पार्टी के प्रति उनके योगदान के लिए प्रधान को 'सर्वश्रेष्ठ विधायक पुरस्कार', 2002 में उत्कलमणि गोपबंधु प्रतिभा सम्मान और 2013 में 'ओडिशा नागरिक पुरस्कार' से सम्मानित किया गया।
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