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NEP 2020: नई शिक्षा नीति को लेकर बोले केंद्रीय गृह मंत्री; कहा- मातृभाषा में शिक्षा से बढ़ेगी तार्किक क्षमता

Sat, 24 Dec 2022 06:09 PM IST
देवेश शर्मा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: देवेश शर्मा Updated Sat, 24 Dec 2022 06:09 PM IST
सार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को गुजरात के मेहसाणा में कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत किसी छात्र को उसकी मातृभाषा में दी जाने वाली शिक्षा से उसकी सोचने, तर्क करने, विश्लेषण करने और शोध करने की क्षमता बढ़ेगी।

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Education in mother tongue will increase students' ability to think, reason, analyse: AMit Shah
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह - फोटो : ट्विटर/ अमित शाह

विस्तार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को गुजरात के मेहसाणा में कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत किसी छात्र को उसकी मातृभाषा में दी जाने वाली शिक्षा से उसकी सोचने, तर्क करने, विश्लेषण करने और शोध करने की क्षमता बढ़ेगी। विजापुर में सेठ जीसी हाई स्कूल की 95वीं वर्षगांठ पर एक सभा को संबोधित करते हुए, शाह ने कहा कि तकनीकी, चिकित्सा और उच्च शिक्षा पाठ्यक्रमों के पाठ्यक्रम को क्षेत्रीय भाषाओं में अनुवाद करने के लिए काम चल रहा है। उन्होंने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति अगले 25 साल में भारत को नंबर एक देश बना देगी।  

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केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति, जिसमें मातृभाषा पर जोर देने सहित मूलभूत परिवर्तन किए गए हैं, भारत को 25 वर्षों में दुनिया में नंबर एक बना देगी। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश शिक्षा नीति के तहत आजादी से पहले के भारत में रटकर पढ़ाई करना बुद्धिमत्ता की निशानी थी, उन्होंने कहा कि छात्रों में सोचने, शोध करने, तर्क करने, विश्लेषण करने, निर्णय लेने और समझने की शक्ति नहीं होती, जिससे समाज में कई समस्याएं पैदा हुईं। शाह ने कहा कि अगर कोई छात्र अपनी मातृभाषा में पढ़ता, बोलता और सोचता है, तो इससे उसकी सोचने की क्षमता, उसकी तर्क शक्ति, विश्लेषण की क्षमता और शोध की क्षमता स्वाभाविक रूप से बढ़ेगी। 

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भोपाल में हिंदी में मेडिकल शिक्षा का दिया उदाहरण

शाह ने कहा कि मुझे विश्वास है कि अगले दो, पांच, सात वर्षों में देश के सभी छात्रों को उनकी मातृभाषा में शिक्षा प्रदान की जाएगी। उनकी माताएं उन्हें उनकी भाषा में पढ़ाने में सक्षम होंगी। इसके साथ ही तकनीकी, चिकित्सा और उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम का मातृभाषा में अनुवाद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भोपाल में चिकित्सा शिक्षा पहले सेमेस्टर के पाठ्यक्रम के अनुवाद के बाद हिंदी में दी जा रही है। जल्द ही गुजराती, तेलुगु, ओडिया, पंजाबी और बंगाली- इन सभी भाषाओं में उच्च और चिकित्सा शिक्षा पाठ्यक्रम शुरू होंगे। वहां से भारत अनुसंधान और विकास में महत्वपूर्ण योगदान देना शुरू करेगा।
 

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मनसा में गोवर्धन नाथ मंदिर का किया दौरा

इसके बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुजरात के मनसा में गोवर्धन नाथ मंदिर का दौरा किया।

 

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