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डीयू: 66.7 प्रतिशत उपस्थिति से कम हुई तो नहीं मिलेगा प्रवेश पत्र, दिसंबर की परीक्षा से पहले छात्र जान लें नियम
Tue, 27 Oct 2026 09:08 AM IST
शिवम तिवारी
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: शिवम तिवारी
Updated Tue, 27 Oct 2026 09:08 AM IST
सार
दिल्ली विश्वविद्यालय के श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स ने दिसंबर 2026 की सेमेस्टर परीक्षाओं के लिए उपस्थिति के नियम सख्त कर दिए हैं। छात्रों को परीक्षा में बैठने के लिए चालू सेमेस्टर में कम से कम 66.7 प्रतिशत उपस्थिति पूरी करनी होगी। इससे कम हाजिरी होने पर प्रवेश पत्र जारी नहीं किया जाएगा। पिछले सेमेस्टर में जमा शपथपत्र से भी कोई छूट नहीं मिलेगी।
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डीयू परीक्षा अलर्ट
- फोटो : AI Generated
विस्तार
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय से संबद्ध श्री गुरु गोबिंद सिंह कॉलेज ऑफ कॉमर्स ने दिसंबर 2026 की परीक्षा में शामिल होने की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए उपस्थिति को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। कॉलेज ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा में बैठने के लिए चालू सेमेस्टर में कम से कम 66.7 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य होगी। इससे कम अटेंडेंस होने पर छात्रों को परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाएगी और उनका एडमिट कार्ड भी जारी नहीं किया जाएगा। पिछले सेमेस्टर में उपस्थिति की कमी पर शपथपत्र देने वाले विद्यार्थियों को भी कोई छूट नहीं मिलेगी।
कॉलेज प्रशासन ने नियमित कक्षाओं में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। कॉलेज ने स्पष्ट किया है कि सभी छात्रों को निर्धारित उपस्थिति के नियम का पालन करना होगा। जिन छात्रों की अटेंडेंस 66.7 प्रतिशत से कम रहेगी, उन्हें परीक्षा से वंचित होना पड़ सकता है। कॉलेज ने उन छात्रों को विशेष रूप से आगाह किया है, जिन्होंने पिछले सेमेस्टर में कम उपस्थिति के कारण शपथपत्र जमा किया था। ऐसे छात्रों को इस बार भी न्यूनतम उपस्थिति का नियम अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा। पिछले सेमेस्टर में शपथपत्र जमा करने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें मौजूदा सेमेस्टर में कम अटेंडेंस की छूट मिल जाएगी। डीयू में सेमेस्टर परीक्षाएं चार दिसंबर से शुरू होने जा रही हैं
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कॉलेज प्रशासन ने नियमित कक्षाओं में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। कॉलेज ने स्पष्ट किया है कि सभी छात्रों को निर्धारित उपस्थिति के नियम का पालन करना होगा। जिन छात्रों की अटेंडेंस 66.7 प्रतिशत से कम रहेगी, उन्हें परीक्षा से वंचित होना पड़ सकता है। कॉलेज ने उन छात्रों को विशेष रूप से आगाह किया है, जिन्होंने पिछले सेमेस्टर में कम उपस्थिति के कारण शपथपत्र जमा किया था। ऐसे छात्रों को इस बार भी न्यूनतम उपस्थिति का नियम अनिवार्य रूप से पूरा करना होगा। पिछले सेमेस्टर में शपथपत्र जमा करने का मतलब यह नहीं है कि उन्हें मौजूदा सेमेस्टर में कम अटेंडेंस की छूट मिल जाएगी। डीयू में सेमेस्टर परीक्षाएं चार दिसंबर से शुरू होने जा रही हैं
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क्या शपथपत्र देने से मिलेगी छूट?
कॉलेज ने उन विद्यार्थियों को भी सावधान किया है, जिन्होंने पिछले सेमेस्टर में कम उपस्थिति होने के कारण शपथपत्र जमा किया था। कॉलेज के अनुसार, पिछले सेमेस्टर में शपथपत्र देने का यह मतलब नहीं है कि छात्र को मौजूदा सेमेस्टर में कम हाजिरी होने पर भी छूट मिल जाएगी। हर विद्यार्थी को चालू सेमेस्टर में न्यूनतम 66.7 प्रतिशत उपस्थिति का नियम पूरा करना होगा। इसलिए जिन छात्रों ने पहले शपथपत्र जमा किया था, उन्हें यह नहीं मानना चाहिए कि इस बार भी उन्हें राहत मिल जाएगी। उन्हें नियमित कक्षाओं में शामिल होकर निर्धारित उपस्थिति पूरी करनी होगी।
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