CUET 2022: डीयू वीसी बोले- सीटें भरने के लिए एससी, एसटी और ओबीसी के 50 फीसदी ज्यादा छात्रों को देंगे दाखिला
CUET UG DU Admissions 2022: पहली बार आयोजित हो रहे कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) के माध्यम से विश्वविद्यालय कई कॉलेजों के स्नातक कार्यक्रमों में 70,000 सीटों की पेशकश करेगा।
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दिल्ली विश्वविद्यालय (Delhi University) में इस साल काउंसलिंग के पहले दौर में स्नातक पाठ्यक्रमों में अधिकतम सीटें भरने के लिए अनारक्षित और ओबीसी श्रेणियों के तहत 20 फीसदी और एससी / एसटी वर्ग में 30 फीसदी अतिरिक्त छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा। यह बात गुरुवार को कुलपति प्रोफेसर योगेश सिंह ने कही। कुलपति सिंह ने कहा कि इस कदम से साल भर खाली रहने वाली आरक्षित सीटों को भरने में भी मदद मिलेगी।
डीयू 70 हजार सीटों की पेशकश करेगा
उन्होंने एक साक्षात्कार में कहा कि इस साल, पहली बार आयोजित हो रहे कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट (CUET) के माध्यम से विश्वविद्यालय कई कॉलेजों के स्नातक कार्यक्रमों में 70,000 सीटों की पेशकश करेगा। पिछले साल तक, विश्वविद्यालय छात्रों के कक्षा 12वीं के अंकों के आधार पर कट-ऑफ जारी करता था।
डीयू को मिले 6.5 लाख से अधिक प्रवेश आवेदन
CUET-UG 15 जुलाई से 10 अगस्त तक राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित किया जाएगा। एनटीए के अनुसार, लगभग 14,90,000 से अधिक उम्मीदवारों ने परीक्षा के लिए पंजीयन कराया है। डीयू के अधिकारियों के अनुसार, विश्वविद्यालय को 6.5 लाख से अधिक प्रवेश आवेदन प्राप्त हुए हैं।
पहले दौर में ही मिल जाएंगे पसंद के कॉलेज!
कुलपति प्रोफेसर सिंह ने बताया कि काउंसलिंग के लिए नियम और कानून बनाए गए हैं। सामान्य (अनारक्षित) और ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) श्रेणियों में पहले दौर में ही अधिकतम सीटें भरने के लिए इस साल हम 20 फीसदी अतिरिक्त प्रवेश लेंगे और अनुसूचित जाति / अनुसूचित जनजाति वर्ग में 30 प्रतिशत अतिरिक्त दाखिले किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि इससे पहले दौर में अधिकतम छात्रों को उनकी पसंद के परीक्षा कॉलेज मिल जाएंगे, क्योंकि हर साल एससी / एसटी वर्ग की सीटें खाली रहती हैं। इससे आरक्षित सीटों को जल्दी भरने में भी मदद मिलेगी। बता दें कि विश्वविद्यालय में अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के छात्रों के नामांकन में कमी काफी लंबे समय से विश्वविद्यालय के लिए चिंता का विषय रही है।
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