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CBSE OSM: कांग्रेस ने धर्मेंद्र प्रधान को घेरा, पूछा- बोर्ड के विरोध के बाद भी महंगे रेट पर क्यों दिया ठेका?

Fri, 05 Jun 2026 03:00 PM IST
Akash Kumar एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: Akash Kumar Updated Fri, 05 Jun 2026 03:00 PM IST
सार

CBSE OSM Row: कांग्रेस ने सीबीएसई के ऑन-स्क्रीन मार्किंग सिस्टम में कथित अनियमितताओं को लेकर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा है। पार्टी ने आरोप लगाया कि ओएसएम प्रणाली महंगी दरों पर लागू की गई और मामले की निष्पक्ष जांच के लिए मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
 

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Congress Demands Dharmendra Pradhan's Resignation Over CBSE OSM System Controversy
CBSE OSM Row - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

CBSE OSM Row: कांग्रेस ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने आरोप लगाया है कि बोर्ड पर महंगी ओएसएम प्रणाली लागू की गई और इस प्रक्रिया में लागत बढ़ने को लेकर उठे सवालों का जवाब केवल शिक्षा मंत्री ही दे सकते हैं।

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कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शुक्रवार को कहा कि दिसंबर 2024 में हुई सीबीएसई गवर्निंग बॉडी की बैठक में ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली लागू करने से होने वाले वित्तीय बोझ पर चिंता जताई गई थी। इसके बावजूद इस व्यवस्था को लागू किया गया।

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टेंडर लागत बढ़ने का आरोप

जयराम रमेश ने एक मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि ओएसएम सिस्टम से जुड़े टेंडर की अनुमानित लागत में करीब 10 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई।

उनके अनुसार, सीबीएसई द्वारा जारी शुरुआती दो टेंडरों में कार्य का मूल्य 28 करोड़ रुपये था, लेकिन अंतिम वर्क ऑर्डर में यह बढ़कर 38.46 करोड़ रुपये हो गया। कांग्रेस का आरोप है कि वास्तविक रूप से स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं के आधार पर इस कार्य की लागत लगभग 25.39 करोड़ रुपये होनी चाहिए थी, जो जारी वर्क ऑर्डर की राशि से काफी कम है।

संसदीय समिति के सामने उठे सवाल

कांग्रेस नेता ने कहा कि शिक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति की बैठक में 18 वर्षीय व्हिसलब्लोअर सार्थक सिद्धांत की बात सुनने के बाद समिति ने सीबीएसई से खरीद प्रक्रिया से जुड़े कई सवाल पूछे थे, लेकिन बोर्ड इन सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दे पाया।

रमेश ने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को जवाब देना चाहिए कि आखिर सीबीएसई को इतनी महंगी ओएसएम प्रणाली अपनाने के लिए क्यों कहा गया।

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शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

कांग्रेस ने कहा है कि मामले की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच सुनिश्चित करने के लिए धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। जयराम रमेश ने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है तो केंद्र सरकार द्वारा गठित एक सदस्यीय जांच समिति केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगी।

राहुल गांधी ने भी उठाए सवाल

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरा है। उन्होंने ओएसएम विवाद के बाद सीबीएसई के शीर्ष अधिकारियों को हटाए जाने को 'लीपापोती' और 'सच्चाई छिपाने की कोशिश' बताया है। राहुल गांधी ने शिक्षा मंत्री को पद से हटाने और पूरे मामले की स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की मांग की है।

क्या है ओएसएम विवाद?

हाल के दिनों में सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली विवादों में रही है। कुछ कक्षा 12 के छात्रों ने दावा किया था कि बोर्ड द्वारा उपलब्ध कराई गई उनकी स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं की लिखावट उनकी वास्तविक लिखावट से मेल नहीं खा रही थी। इन आरोपों के बाद ओएसएम प्रणाली में संभावित गड़बड़ियों और उत्तर पुस्तिकाओं के मिलान को लेकर सवाल खड़े हुए थे।

जांच के लिए बनी समिति

मामले को लेकर बढ़ते विवाद के बीच केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिवालय ने 3 जून को ओएसएम प्रणाली की खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय समिति के गठन की घोषणा की थी।

यह समिति सीबीएसई द्वारा ओएसएम सेवाओं की खरीद, उससे जुड़ी प्रक्रिया और लगाए गए आरोपों की जांच करेगी। समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे मामले की स्थिति और अधिक स्पष्ट हो सकेगी।

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