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Hindi News ›   Education ›   CBSE 9th-10th students will have to give answers after understand instead of Rote Number of aptitude based Questions increased

CBSE Exam Pattern: 9वीं-10वीं के छात्रों को रटने की बजाय समझकर देने होंगे उत्तर, योग्यता आधारित प्रश्नों की संख्या बढ़ी

Tue, 24 May 2022 06:38 AM IST
देव कश्यप अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली।
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली। Published by: देव कश्यप Updated Tue, 24 May 2022 06:38 AM IST
सार

सीबीएसई ने 9वीं और 10वीं और 11वीं और 12वीं के लिए आंतरिक मूल्यांकन व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया है। जिस प्रकार स्कूलों में पहले आंतरिक परीक्षा होती थी उसी तरह से होगी। बोर्ड के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति योग्यता आधारित शिक्षा की आवश्यकता पर बल देती है। योग्यता आधारित शिक्षा छात्रों को 21वीं सदी की चुनौतियों का सक्रिय रूप से सामना करने के लिए तैयार करेगी।

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CBSE 9th-10th students will have to give answers after understand instead of Rote Number of aptitude based Questions increased
सीबीएसई परीक्षा (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) से संबद्ध स्कूलों के 9वीं व 10वीं के छात्रों को अब रटने की बजाए समझ के उत्तर देने होंगे। इन कक्षाओं के लिए बोर्ड ने योग्यता आधारित प्रश्नों की संख्या को बढ़ा दिया है। अब ऐसे 40 फीसदी प्रश्न पूछे जाएंगे, इनमें घटना आधारित प्रश्न भी होंगे। जबकि ग्यारवीं व बारहवीं में योग्यता आधारित प्रश्नों की संख्या 30 फीसदी रहेगी। सीबीएसई ने शैक्षणिक सत्र 2022-23 की परीक्षा के लिए पैटर्न जारी किया है।

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सीबीएसई ने 9वीं और 10वीं और 11वीं और 12वीं के लिए आंतरिक मूल्यांकन व्यवस्था में कोई बदलाव नहीं किया है। जिस प्रकार स्कूलों में पहले आंतरिक परीक्षा होती थी उसी तरह से होगी। बोर्ड के अनुसार राष्ट्रीय शिक्षा नीति योग्यता आधारित शिक्षा की आवश्यकता पर बल देती है। योग्यता आधारित शिक्षा छात्रों को 21वीं सदी की चुनौतियों का सक्रिय रूप से सामना करने के लिए तैयार करेगी। ऐसे में बोर्ड ने परीक्षा प्रणाली में योग्यता आधारित प्रश्नों को शामिल किया है। इससे छात्रों को रटने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी बल्कि उन्हें अपनी समझ से उत्तर देने होंगे।
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40 फीसदी प्रश्नों के जवाब अपनी समझ से देने होंगे 
9वीं-10वीं में छात्रों को 40 फीसदी प्रश्नों के जवाब अपनी समझ से देने होंगे। इसमें घटना आधारित प्रश्न, एमसीक्यू प्रश्न भी शामिल होंगे। जबकि 20 फीसदी प्रश्न बहुविकल्पीय और 40 फीसदी लघु उत्तर वाले प्रश्न होंगे। जबकि बीते सत्र में टर्म-1 में 30 फीसदी योग्यता आधारित प्रश्नों को पूछा गया था।
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50 फीसदी प्रश्न लघु व दीर्घ प्रश्न वाले होंगे
बारहवीं में 50 फीसदी प्रश्न लघु और दीर्घ प्रश्न वाले होंगे। वहीं योग्यता आधारित प्रश्नों की संख्या 30 फीसदी होगी। वहीं 20 फीसदी प्रश्न बहुविकल्पीय प्रकार केहोंगे। जबकि दो सत्रों टर्म-1 और टर्म-2 की परीक्षा प्रणाली के तहत पहले टर्म में 20 फीसदी योग्यता आधारित प्रश्न पूछे गए थे। जबकि टर्म-2 की परीक्षाएं जारी हैं जिसमें भी 20 फीसदी योग्यता आधारित प्रश्न पूछे जा रहे हैं।

 
मालूम हो कि बीते माह ही बोर्ड ने घोषणा की थी कि शैक्षणिक सत्र 2022-23 से बोर्ड की परीक्षा पुरानी व्यवस्था के तहत एक बार ही होगी। कोरोना महामारी के कारण शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए व्यवस्था को बोर्ड ने दो सत्रों (टर्म-1 और टर्म-2) में बांटा था। जिसमें पचास-पचास फीसदी पाठ्यक्रम के अनुसार परीक्षाएं आयोजित की गई। 

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