अब पीएचडी डिग्री पाने के लिए करनी होगी नियमित क्लास
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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने एक सर्कुलर जारी कर ये निर्देश दिया है कि अब से डिस्टेंस एजुकेशन के माध्यम से किए गए डॉक्टर ऑफ फिलॉसफी (पीएचडी) कार्यक्रमों के लिए दी गई डिग्री को मान्यता नहीं दी जाएगी। सर्कुलर के माध्यम से ये साफ निर्देश दिया गया है कि फुल टाइम और पार्ट टाइम कोर्स की डिग्री को ही मान्यता प्राप्त होगी। सर्कुलर के अनुसार जल्द ही शिक्षकों और यूनिवर्सिटी में अन्य अकादमी स्टॉफ के न्यूनतम क्वालिफिकेशन के स्तर को भी अपडेट किया जाएगा। सिर्फ इतना ही नहीं रेगुलर पीएचडी कोर्स की ही पूरी तरह से मान्यता दी जाएगी।
आपको बता दें कि हालांकि ज्यादातर यूनिवर्सिटी पीएचडी के फुल टाइम कोर्स ही पढ़ाते हैं लेकिन कुछ यूनिवर्सिटी जैसे इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (इग्नू) और यशवंतराव चव्हाण महाराष्ट्र ओपन यूनिवर्सिटी (वाइसीएमओयू) पीएचडी के कोर्स डिस्टेंस एजुकेशन के तहत भी उपलब्ध कराते हैं। लेकिन जारी सर्कुलर के बाद इनके पीएचडी के कोर्स की डिग्री पर अब एक बड़ा सवाल खड़ा हो सकता है।
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