GLA University Mathura: कई छात्रों का दो से चार कंपनियों में चयन
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‘‘निगाहों में मंजिल थी, गिरे और गिर कर संभलते रहे, हवाओं ने बहुत कोशिश की मगर चिराग आंधियों में भी जलते रहे"।
यह पंक्तियां जीएलए यूनिवर्सिटी, मथुरा के उन छात्रों पर सटीक बैठती हैं जिन छात्रों ने एक के बाद एक कंपनी में चयन हो कर साबित कर दिया है कि जुनून के आगे हर कठिनाई किनारा कर जाती है और निगाहें कभी राह नहीं भटकतीं।
जीएलए विश्वविद्यालय, मथुरा के 100 से अधिक छात्रों को एक नहीं बल्कि दो से चार कंपनियों ने चुना है। इनमें से करीब एक दर्जन छात्र ऐसे भी हैं जिन्होंने तीन-तीन कंपनी में चयन पाकर विश्वविद्यालय की उत्कृष्ट शिक्षा को कंपनी अधिकारियों के सामने दिखाया है बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि इसी उत्कृष्ट शिक्षा के माध्यम से अपनी निगाहों में जो भी मंजिल हासिल करना चाहते हैं वह हासिल करके ही रहते हैं। चाहे इस दौरान क्यूं न आंधी और तूफान आ जाये लेकिन जीएलए यूनिवर्सिटी की शिक्षा का दीप जलता ही रहेगा।
टीसीएस और कांसेंट्रिक्स कंपनी में चयनित हुए छात्र राहुल सिंह ने बताया कि प्रत्येक कंपनी के कार्यक्षेत्र में भारी बदलाव होता है। प्रत्येक छात्र भी यही चाहता है कि वह जिस राह पर शुरू से चला है उसे उसी राह पर मंजिल मिल जाए। उन्होंने बताया कि सर्वप्रथम कांसेंट्रिक्स कंपनी में उनका चयन हुआ लेकिन आगे की राह पकड़ने के लिए यही काफी था।
इसी के सहारे विश्वविद्यालय से कैंपस प्लेसमेंट के दौरान टीसीएस कंपनी में चयन मिल गया। उन्होंने बताया कि टीसीएस कंपनी एक भारतीय मल्टिनेशनल सॉफ्टवेयर सर्विसेस एवं कंसल्टिंग कंपनी है। जहां जीएलए विश्वविद्यालय के सैकड़ों छात्र अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।
इंफोसिस, टेक महिन्द्रा एवं आईबीएम इंडिया लि. कंपनी में चयनित हुई बीटेक कम्प्यूटर साइंस एण्ड इंजीनियरिंग की छात्रा अपूर्वा पाण्डेय ने बताया कि जीएलए यूनिवर्सिटी में बहुराष्ट्रीय कंपनियां कैंपस प्लेसमेंट के लिए आती हैं। छात्रा ने बताया कि सर्वप्रथम उन्होंने इंफोसिस कंपनी में अपना भाग्य आजमाया और कामयाबी हासिल कर ली, लेकिन अपने हुनर को आजमाने के लिए छात्रा ने टेक महिन्द्रा और आईबीएम इंडिया कंपनी में साक्षात्कार दिया और इसमें भी जीएलए से मिले हुनर ने साथ दिया।
सॉफ्टवेयर डेवलपर बनने की चाहत मे उन्होंने आईबीएम इंडिया कंपनी को चुन लिया जो कि भारत की बेहतर सॉफ्टवेयर डेवलपर कंपनी है।
जीएलए विश्वविद्यालय का भी यह लक्ष्य है कि यहां पढ़ रहे हर छात्र को नौकरी मिले
इंफोसिस, टेक महिन्द्रा, किर्लोस्कर ब्रदर्स एवं सीट टायर में चयनित बीटेक मैकेनिकल के छात्र यश गुप्ता ने खुशी जाहिर करते हुए जीएलए परिवार को धन्यवाद दिया और कहा कि चार कंपनियों में चयन होना जीएलए की ही उत्कृष्ट शिक्षा का परिणाम है।
विश्वविद्यालय के सेकरेटरी सोसायटी एवं कोशाध्यक्ष श्री नीरज अग्रवाल ने छात्रों की इस बड़ी उपलब्धि पर कहा कि छात्रों का एक से अधिक कंपनियों में चयन होना हिंदी न्यूज़
विश्वविद्यालय की उत्कृष्ट शिक्षा का तो परिणाम है ही इसके अलावा छात्रों का जुनून भी आगे बढ़कर बोल रहा है।
इससे यह साबित होता है कि जीएलए का प्रत्येक छात्र अपनी उस राह पर चलना चाहता है जहां उसे हर मंजिल आसान लगे।
श्री अग्रवाल ने प्लेसमेंट की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि प्रत्येक छात्र की दृढ़ इच्छा होती है कि उसे पढ़ाई के बाद नौकरी मिल जाए। जीएलए विश्वविद्यालय का भी यह लक्ष्य है कि यहां पढ़ रहे हर छात्र को नौकरी मिले।
इससे ज्यादा इस बात पर जोर दिया जाता है कि छात्र नौकरी लेने की बजाय नौकरी देने वाला बने। इसके लिए विभिन्न व्यावसायिक गतिविधियां विश्वविद्यालय स्तर से आयोजित की जाती हैं।
इन छात्रों को मिला दो से तीन कंपनी में चयन बी.फार्मा 1, बीबीए 1, बीसीए 15, बीटेक सिविल 7, बीटेक कम्प्यूटर साइंस 21, डिप्लोमा मैकेनिकल 12, बीटेक इलेक्ट्रॉनिक
एण्ड कम्यूनिकेशन 11, बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग 2, एमटेक कम्प्यूटर साइंस 1, एमबीए 9, एमसीए 1 तथा बीटेक मैकेनिकल के 26 छात्रों को दो से तीन कंपनियों में चयन मिला है।
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