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नए सत्र से DU की किताबों में होगी 'हैदर', 'ओमकारा' और 'अंगूर' जैसी फिल्में

Wed, 03 May 2017 07:08 PM IST
amarujala.com- presented by: शिवेन्दु शेखर
amarujala.com- presented by: शिवेन्दु शेखर Updated Wed, 03 May 2017 07:08 PM IST
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delhi university: from new session haidar, omkara and angoor type of films would be taught

पिछले हफ्ते दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) के छात्रों और शिक्षकों के बीच चेतन भगत के बहुचर्चित नॉवेल फाइव प्वाइंट सम वन को सिलेबस में शामिल करने की वजह से बहस की स्थिति बन गई थी। वजह साफ थी, छात्रों का कहना था कि चेतन भगत की नॉवेल को लिट्रेचर के रूप में शामिल करना सही नहीं है। खैर इसके बाद छात्रों को अच्छा फेसबुक पोस्ट लिखने की कला सीखाने की पेशकश की गई। जिसके लिए सभी कॉलेजों में सुझाव के लिए प्रस्ताव भी भेजे गए। 

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अब इसके बाद नए सत्र से छात्रों को किताबों के सिनेमैटिक अडॉप्शन को भी पढ़ाए जाने की योजना तैयार की गई है। सिनेमैटिक अडॉप्शन से मतलब है उन फिल्मों के बारे में जिन्हें किसी बड़ी किताब के आधार पर बनाया गया है, जिनमें 'ओमकारा', 'ब्राइड एंड प्रीजूडाइस', 'मकबूल', 'हैदर' या 'अंगू'र जैसी फिल्मों के बारे में पढ़ाया जाएगा। 

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delhi university: from new session haidar, omkara and angoor type of films would be taught

यूनिवर्सिटी के सीबीसीएस सिस्टम (Choice based credit system) में सिनेमा के दो पेपरों को जगह दी गई है। इनमें बीए ऑनर्स, इंग्लिश के छात्रों के लिए लिट्रेचर और सिनेमा का कोर्स रखा गया है और सिनेमैटिक अडॉप्शन ऑफ लिटररी टेक्सट्स, इलेक्टिव के तौर पर रखा गया है। 

इससे जुड़े छात्रों को पहले इन फिल्मों को देखने का सुझाव दिया गया है, जिससे कल अगर इससे जुड़े लिट्रेचर को पढ़ाया जाए तो समझना आसान हो। 

इससे छात्र और शिक्षक सभी खुश हैं। एक तरफ जहां शिक्षकों का कहना है कि जिन फिल्मों का चयन पढ़ाने के लिए किया गया है, वो सभी अच्छी फिल्में हैं। वहीं छात्रों की भी अपनी-अपनी प्लानिंग है। 

कुछ का कहना है कि बच्चों को कैरेक्टर प्ले करने का मौका दिया जाना चाहिए। वहीं कुछ इस वजह से भी खुश हैं कि इसी बहाने कुछ अच्छी फिल्मों की स्क्रीनिंग और उन पर कुछ सीखने को मिलेगा। 

एक स्टूडेंट का कहना था कि बॉलीवुड में सिर्फ गुलजार और विशाल भारद्वाज ही शेक्सपीयर को अडॉप्ट करने में सफल रहे हैं। 

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