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डेयरी टेक्नोलोजी - दूधो नहाओ और फलो
एजुकेशन डेस्क
Updated Mon, 01 Sep 2014 11:13 AM IST
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बच्चों से लेकर बड़ों तक, दूध आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा होता है। विभिन्न रूपों में इसके सेवन के कारण अपने देश में बड़े पैमाने पर इसकी खपत होती है। ऐसे में दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना आज की जरूरत है और इस काम में डेयरी टेक्नोलॉजी काफी मददगार होती है। डेयरी टेक्नोलॉजी के प्रोफेशनल्स का मुख्य काम डेयरी फार्मिंग के जरिये आधुनिक टेक्नोलॉजी का प्रयोग करते हुए दूध व दूध से निर्मित होने वाले विभिन्न उत्पादों का निर्माण करना होता है। दूध की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने के लिए भी वे प्रयत्नशील रहते हैं। अधिक मात्रा में दूध देने वाले मवेशियों का प्रजनन व उनकी देखभाल भी उनके कार्य का अहम हिस्सा होता है।
बढ़ती मांग
भारत में आज 400 से भी अधिक डेयरी संयंत्र कार्यरत हैं, जहां बड़ी संख्या में प्रोफेशनल्स कार्य कर रहे हैं। कृषि आधारित अर्थव्यवस्था ने पिछले दो दशकों में काफी तरक्की की है। ऐसे में डेयरी प्रोडक्शन का काफी विस्तार हुआ है। इसी का परिणाम है कि आज डेयरी उत्पादों के निर्यात में भारत अग्रणी देश है और इससे देश बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा अर्जित होती है।
क्या हो योग्यता
डेयरी टेक्नोलॉजी के कोर्स में दाखिला लेने के लिए विद्यार्थियों का विज्ञान विषय से 12वीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। डिप्लोमा कोर्स में 10वीं के स्टूडेंट्स भी दाखिला ले सकते हैं। सभी प्रमुख संस्थानों में दाखिला एंट्रेंस टेस्ट के आधार पर होता है।
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मौके यहां मिलेंगे
डेयरी टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स को विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी प्लांट्स में बतौर दूध परीक्षक, डेयरी सयंत्र ऑपरेटर, उत्पाद तकनीशियन, डेयरी सहायक, गुणवत्ता नियंत्रण सहायक, पैकेजिंग सहायक, विपणन सहायक, वितरण सहायक, प्रशिक्षक, दूध ठेकेदार आदि के रूप में मौके मिलते हैं। मिल्क बूथ के माध्यम से भी आपको रोजगार मिलता है। इसके तहत थोक वितरक, रिटेलर या दुग्ध उत्पादों के निर्यातक के रूप में भी काम किया जा सकता है।
मुख्य संस्थान
0 डेयरी विज्ञान संस्थान, मुंबई
0 राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान, करनाल व बेंगलुरु
0 इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी, दिल्ली
0 राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, राजस्थान
0 इलाहाबाद कृषि संस्थान, इलाहाबाद
0 आंध्र प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, हैदराबाद
0 डेयरी विज्ञान संस्थान, मुंबई
0 जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर
(इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के डायरेक्टर एस.के. यादव से बातचीत पर आधारित)
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बढ़ती मांग
भारत में आज 400 से भी अधिक डेयरी संयंत्र कार्यरत हैं, जहां बड़ी संख्या में प्रोफेशनल्स कार्य कर रहे हैं। कृषि आधारित अर्थव्यवस्था ने पिछले दो दशकों में काफी तरक्की की है। ऐसे में डेयरी प्रोडक्शन का काफी विस्तार हुआ है। इसी का परिणाम है कि आज डेयरी उत्पादों के निर्यात में भारत अग्रणी देश है और इससे देश बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा अर्जित होती है।
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क्या हो योग्यता
डेयरी टेक्नोलॉजी के कोर्स में दाखिला लेने के लिए विद्यार्थियों का विज्ञान विषय से 12वीं उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। डिप्लोमा कोर्स में 10वीं के स्टूडेंट्स भी दाखिला ले सकते हैं। सभी प्रमुख संस्थानों में दाखिला एंट्रेंस टेस्ट के आधार पर होता है।
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मौके यहां मिलेंगे
डेयरी टेक्नोलॉजी प्रोफेशनल्स को विभिन्न सरकारी और गैर सरकारी प्लांट्स में बतौर दूध परीक्षक, डेयरी सयंत्र ऑपरेटर, उत्पाद तकनीशियन, डेयरी सहायक, गुणवत्ता नियंत्रण सहायक, पैकेजिंग सहायक, विपणन सहायक, वितरण सहायक, प्रशिक्षक, दूध ठेकेदार आदि के रूप में मौके मिलते हैं। मिल्क बूथ के माध्यम से भी आपको रोजगार मिलता है। इसके तहत थोक वितरक, रिटेलर या दुग्ध उत्पादों के निर्यातक के रूप में भी काम किया जा सकता है।
मुख्य संस्थान
0 डेयरी विज्ञान संस्थान, मुंबई
0 राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान संस्थान, करनाल व बेंगलुरु
0 इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी, दिल्ली
0 राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय, राजस्थान
0 इलाहाबाद कृषि संस्थान, इलाहाबाद
0 आंध्र प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय, हैदराबाद
0 डेयरी विज्ञान संस्थान, मुंबई
0 जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर
(इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर के डायरेक्टर एस.के. यादव से बातचीत पर आधारित)
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