UP Board Results 2018: 10वीं और 12वीं के रिजल्ट से पहले इन टिप्स की मदद से दूर करें तनाव
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उत्तर प्रदेश सेकेंडरी एजुकेशन बोर्ड अप्रैल महीने में ही 10वीं और 12वीं के परिणाम घोषित करेगा। यूपी बोर्ड ने रिजल्ट की तारीख 29 अप्रैल 2018 तय की है। यूपी बोर्ड के 10वीं और 12वीं के परीक्षार्थी रिजल्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। कक्षा 12 के नतीजा ही छात्रों को मेडिकल और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रमों सहित अन्य पाठ्यक्रमों के लिए पात्र बनाता है। इसका कारण यह है कि इंटरमीडिएट में अच्छे नंबरों से पास होना ही छात्रों के लिए ओजीईई, एनईईटी, एनआईजीआर और अन्य प्रवेश परीक्षाओं में प्रवेश के लिए न्यूनतम योग्यता है। प्रत्येक छात्र और उसके माता-पिता इच्छा करते हैं कि छात्र 12 वीं की कक्षा में अच्छे स्कोर के साथ सफल होकर आए। हालांकि यूपी बोर्ड 12वीं के परिणामों का इंतजार काफी तनावपूर्ण हो सकता है और ऐसे समय में तनावमुक्त रहना काफी आवश्यक है।
यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं परिणाम 2018
देश के सबसे ज्यादा आबादी वाले राज्य उत्तर प्रदेश में कक्षा10 वीं और 12वीं के परिक्षार्थियों की संख्या पहले से मुकाबले ज्यादा हुई है। अनुमान के मुताबिक दोनों में कुल 57 लाख से अधिक छात्र थे और वर्ष 2018 में कक्षा 12 वीं की परीक्षा में 27 लाख से अधिक छात्र शामिल हुए। अब 27 लाख छात्रों के माता-पिता को यूपी बोर्ड 10वीं और 12वीं के परिणामों का बेसब्री से इंतजार है।
यूपी बोर्ड 12वीं का रिजल्ट जानने के लिए यहां क्लिक करें- https://results.amarujala.com/board/up-board/up-class-12th-result-2018
छात्र और माता-पिता दोनों जानते हैं कि कक्षा 12 को अच्छे नंबरों से पास करना सफल भविष्य के लिए कई अवसर खोल सकता है। कई छात्रों और अभिभावकों का सपना होता है कि वे छात्र को जैसे मेडिकल लाइन, इंजीनियरिंग, चार्टर्ड अकाउंटेंट और अन्य पाठ्यक्रमों में शामिल करना चाहते हैं। प्रतिष्ठित शैक्षिक संस्थानों के प्रतिष्ठित पाठ्यक्रमों में सीट सीमित हैं और प्रतियोगिताएं बहुत कठिन हैं। ऐसे में छात्र का 12वीं परीक्षा में अच्छे से अच्छे नंबरों से पास होना बेहद जरूरी होता है।
यूपी बोर्ड 10वीं का रिजल्ट जानने के लिए यहां क्लिक करें- https://results.amarujala.com/board/up-board/up-class-10th-result-2018
यूपी बोर्ड के नतीजे की प्रतीक्षा करते वक्त तनाव से छुटकारा
परिणाम जो भी आए, लेकिन माता-पिता को ये भी सोचना होगा कि अगर बच्चे के 12वीं कक्षा में अच्छे नंबर नहीं आए तो यह नहीं है कि उसके लिए सब कुछ खत्म हो गया है। इस मामले में छात्र में भी तनाव पैदा होता है और माता-पिता को अपने या उसके परिणामों की तुलना अन्य सफल छात्रों के साथ नहीं करनी चाहिए। कई करियर के अवसर उन छात्रों के लिए खुले हैं, जिनकी यूपी बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण होती है और परिणामों के लिए अनावश्यक तनाव लेने की कोई आवश्यकता नहीं है।
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