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10वीं बोर्ड परीक्षा रद्द: कक्षा 11वीं में प्रवेश बना दो करोड़ छात्रों के लिए समस्या, कोर्ट ने मांगा जवाब

Tue, 18 May 2021 04:05 PM IST
वर्तिका तोलानी एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला Published by: वर्तिका तोलानी Updated Tue, 18 May 2021 04:05 PM IST
सार

कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। अब बोर्डों द्वारा आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अंतिम परिणाम तैयार किया जा रहा है। जिसकी वजह से कक्षा 11वीं में प्रवेश लेने में विद्यार्थियों को परेशानी हो सकती है। - याचिकाकर्ता

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bombay high court seeks boards reply to pil on cancellation of class 10th board exams
बॉम्बे हाईकोर्ट - फोटो : ANI

विस्तार

सीबीएसई, आईसीएसई और एसएससी द्वारा कोरोना महामारी से उत्पन्न मौजूदा हालातों को देखते कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया गया था। जिसके खिलाफ सेवानिवृत्त शिक्षक धनंजय कुलकर्णी ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। न्यायमूर्ति शाहरुख कथावाला की अध्यक्षता वाली पीठ ने जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए बोर्डों से जवाब मांगा है। 

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कक्षा 11वीं में प्रवेश के लिए बना समान नीति
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता द्वारा कहा गया कि कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा को रद्द कर दिया गया है। अब बोर्डों द्वारा आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर अंतिम परिणाम तैयार किया जा रहा है। जिसकी वजह से कक्षा ग्यारहवीं में प्रवेश लेने में विद्यार्थियों को परेशानी हो सकती है। वहीं उनके वकील उदय वरुंजीकर कहते हैं कि परीक्षा रद्द करने का निर्णय, देश में दो करोड़ विद्यार्थियों के लिए समस्या उत्पन्न करने वाला है। इसमें केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करना होगा और एक समान नीति तैयार करनी होगी। बता दें कि हाईकोर्ट में दायर याचिका में सवाल उठाया गया है कि अगर सरकार कक्षा 11वीं में प्रवेश के लिए सामायिक प्रवेश परीक्षा (सीईटी) ले सकती है, तो कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा क्यों नहीं ले सकती है।

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तीनों बोर्ड अपना निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र
वहीं केंद्र के वकील संदेश पाटिल कहते हैं कि सीबीएसई बोर्ड, आईसीएसई बोर्ड  और एसएससी बोर्ड अपना निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र हैं। 1 मई को केंद्र द्वारा कक्षा दसवीं के विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रमोट करने दिशा-निर्देश के साथ ही अधिसूचना भी जारी की गई थी। जिसके अनुसार एसएससी और आईसीएसई बोर्ड पर यह निर्भर करता है कि वह इस अधिसूचना को अपनाएं या नहीं।
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