आंध्र प्रदेश बोर्ड : इंटर द्वितीय वर्ष का रिजल्ट जारी, यहां देखें 12वीं के परिणाम
बोर्ड ऑफ इंटरमीडिएट एजुकेशन, आंध्र प्रदेश ने अपनी इंटरमीडिएट द्वितीय वर्ष की परीक्षा 2021 यानी कक्षा 12वीं का परिणाम घोषित कर दिया है। बोर्ड द्वारा BIEAP II वर्ष का परिणाम 2021 शुक्रवार, 23 जुलाई, 2021 को शाम 04 बजे घोषित किया गया।
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बोर्ड ऑफ इंटरमीडिएट एजुकेशन, आंध्र प्रदेश ने अपनी इंटरमीडिएट द्वितीय वर्ष की परीक्षा 2021 यानी कक्षा 12वीं का परिणाम घोषित कर दिया है। बोर्ड द्वारा BIEAP II वर्ष का परिणाम 2021 शुक्रवार, 23 जुलाई, 2021 को शाम 04 बजे घोषित किया गया। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, राज्य के शिक्षा मंत्री ए सुरेश ने अपने आधिकारिक ट्विटर अकाउंट के माध्यम से यह घोषणा की।
Live - Intermediate 2nd year results 2021 https://t.co/q4VNiDjUtk
— Audimulapu Suresh (@AudimulapSuresh) July 23, 2021
छात्र अपना परिणाम आधिकारिक वेबसाइट bie.ap.gov.in पर देख सकते हैं, जहां स्कोर जारी होने के तुरंत बाद परिणाम लिंक सक्रिय हो गए थे। आधिकारिक वेबसाइटों के अलावा, छात्र अपना परिणाम आधिकारिक वेबसाइटों- results.cgg.gov.in, examresults.net, examresults.ap.nic.in, results.bie.ap.gov.in और bie.ap के जरिये भी डाउनलोड कर सकते हैं। इस साल लगभग 10 लाख छात्र-छात्राओं ने आंध्र प्रदेश इंटर प्रथम और द्वितीय वर्ष की परीक्षाओं के लिए पंजीयन कराया था।
ऐसे देखें एपी इंटर परिणाम 2021
- बीआईईएपी की आधिकारिक वेबसाइट- results.bie.ap.gov.in पर जाएं।
- 'एपी इंटरमीडिएट परिणाम 2021' लिंक पर क्लिक करें।
- नामांकन संख्या और आवश्यक जानकारी दर्ज करें।
- इसके बाद 'सबमिट' बटन दबाएं।
- एपी इंटर परिणाम 2021 द्वितीय वर्ष स्क्रीन पर दिखाई देगा।
- परिणाम पीडीएफ डाउनलोड करें और भविष्य के संदर्भ के लिए एक प्रिंटआउट ले लें।
परीक्षा कराने की थी तैयारी
बता दें कि कोरोना महामारी के प्रकोप के दौरान परीक्षाओं के आयोजन पर सुप्रीम कोर्ट ने आपत्ति जताई थी। कोर्ट के निर्देशों के बाद सरकार और आंध्र प्रदेश बोर्ड ऑफ इंटरमीडिएट एजुकेशन ने इंटर दूसरे वर्ष यानी कक्षा 12वीं की परीक्षाओं को रद्द कर दिया था। परीक्षाओं के लिए सरकार द्वारा दी गई संभावित तिथि जुलाई के अंतिम सप्ताह की थी और यह भी कहा गया कि छात्रों का आकलन करने के लिए कोई विश्वसनीय वैकल्पिक तरीका नहीं है।
दबाव में रद्द करनी पड़ी थीं परीक्षाएं
हालांकि, बाद में सुप्रीम कोर्ट के दबाव में राज्य सरकार को इंटर द्वितीय वर्ष की परीक्षा रद्द करने के लिए मजबूर होना पड़ा। शिक्षा मंत्री ए सुरेश ने कहा कि रद्द करने के पीछे फैसला सुप्रीम कोर्ट द्वारा मूल्यांकन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए निर्धारित 31 जुलाई की समय-सीमा का पालन करने में कठिनाई थी। इसके बाद, एक विशेष मूल्यांकन योजना बनाई गई, जिसमें कक्षा 10वीं और कक्षा 11वीं के अंकों को ध्यान में रखते हुए परिणाम तैयार किए गए।
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