हैदराबाद के बाद अब आईआईटी रुड़की के शोधकर्ताओं ने भी बनाया हैंड सैनिटाइजर
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आईआईटी रुड़की ने भी हैंड सैनिटाइजर बनाया है। यहां के दो शोधकर्ताओं ने हैंड सैनिटाइजर बनाया है। इससे पहले हैंड सैनिटाइजर की बढ़ती मांग और बाजार में कमी को देखते हुए हैदराबाद आईआईटी के छात्रों ने खुद का हैंड सैनिटाइजर बनाया था और अब आईआईटी रुड़की के शोधकर्ताओं ने भी 150 लीटर हर्बल हैंड सैनिटाइजर बनाया है। आईआईटी रुड़की के शोधकर्ता सिद्धार्थ शर्मा और वैभव जैन ने यह हैंड सैनिटाइजर बनाया है।
आईआईटी रुड़की का दावा है कि यह हैंड सैनिटाइटर 80 प्रतिशत आइसोप्रोपानोल / इथेनॉल से बना है और इसमें एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटी-फ्लैमेंटरी हर्बल सामग्री है। खास बात है कि यह हैंड सैनिटाइजर मॉइस्चराइजर का भी काम करेगा। यह उत्पाद विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों के आधार पर बनाया गया है।
आईआईटी रुड़की के दो शोधकर्ताओं द्वारा बनाया गया यह हैंड सैनिटाइजर कैंपस में फ्री में बांटा जाएगा ताकि कोरोना वायरस से बचा जा सके। आपको बता दें कि कोरोना वायरस के बढ़ते प्रभाव के बीच हैंड सैनिटाइजर की मांग बढ़ गई है। इससे पहले हैदराबाद आईआईटी की दो महिला शोधकर्ताओं ने भी हैंड सैनिटाइजर बनाया था।
शोधकर्ता सिद्धार्थ शर्मा का कहना है कि बुनियादी स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने यह हैंड सैनिटाइजर बनाया है। आपको बता दें कि कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच अच्छे से साबुन से हाथ धोना, और हैंड सैनिटाइजर का इस्तेमाल करना बेहद जरूरी है, ताकि वायरस के खतरे को कम किया जा सके।
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