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पूर्वी हवाओं ने एमपी का पानी भी बरसाया
ब्यूरो अमर उजाला, बांदा
Updated Fri, 15 Jul 2016 11:27 PM IST
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बारिश से बच्चों को छाते की आड़ में स्कूल पहुंचाते अभिभावक।
- फोटो : अमर उजाला
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बांदा। इस मानसूनी मौसम की शुक्रवार को सबसे ज्यादा बारिश रिकार्ड की गई। पूरे चित्रकूटधाम मंडल में औसतन 72 मिलीमीटर पानी बरसा। एक जून से अब तक यह सर्वाधिक है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी से पूर्वी हवाएं मध्य प्रदेश के हिस्से का पानी भी बुंदेलखंड में बरसा रही हैं। दिनभर हुई बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। सबसे ज्यादा 102 मिलीमीटर बारिश महोबा में हुई। मंडल में एक जुलाई से अब तक 400 मिमी बारिश हो चुकी है। यह सामान्य से दोगुना है।
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शुक्रवार को तड़के से ही पूरे मंडल में मानसून का कब्जा था। कभी तेज तो कभी हल्की बारिश का सिलसिला चलता रहा। करीब तीन बजे बारिश की बूंद टूटी तो सड़कों पर चहल-पहल बढ़ी। कुछ इलाकों में रात में भी जोरदार बारिश हुई। केंद्रीय जल आयोग के मुताबिक बांदा में 90, चित्रकूट में 42, महोबा में 102 और हमीरपुर में 56.2 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई। मंडल में पिछले 24 घंटे के दौरान औसतन 72.5 मिलीमीटर बारिश हुई।
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मौसम विभाग के मुताबिक पूरे जुलाई माह में 200 मिलीमीटर बारिश का औसत है, लेकिन अबकी पहले पखवारे में ही दोगुनी यानी 400 मिलीमीटर बारिश का आंकड़ा पार हो रहा है। साथ ही लगातार छह घंटे में 72 मिलीमीटर बारिश भी नया रिकार्ड है।
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उधर, कृषि विश्वविद्यालय में मौसम विशेषज्ञ डॉ. एसएस खां ने बताया कि 16 व 17 जुलाई को भी ज्यादा बारिश का अनुमान है। हवाओं के बदलाव से ऐसी स्थिति बनी है। पश्चिमी से पूर्वी हवाएं मध्य प्रदेश के हिस्से का पानी भी यहां बरसा रही हैं। उधर, जिला कृषि अधिकारी बाल गोविंद यादव ने कहा कि बारिश किसानों के लिए अभी नुकसान दायक नहीं है। यदि एक-दो दिन में बारिश बंद होती है और 15 दिन का मौका मिलता है तो किसान खरीफ की बुवाई कर सकते हैं। अभी धान की रोपाई के लिए यह बारिश संजीवनी है।