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लग्जरी अपार्टमेंट में फ्लेट देने के नाम ठगी करते थे

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Thu, 20 Jan 2022 05:46 PM IST
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नोट- नोएडा व ग्रेनो के लिए उपयोगी।
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लग्जरी अपार्टमेंट में फ्लेट देने के नाम ठगी करते थे - एक ही फ्लेट को कई लोगों को बेच देते थे - अपराध शाखा ने बिल्डर व उसके मैनेजर को किया गिरफ्तार - आरोपियों पर २५-२५ हजार रुपये का इनाम रखा हुआ था - आरोपी बिल्डर धार्मिक संगीत की एलबम भी बनाता है अमर उजाला ब्यूरो नई दिल्ली, २० जनवरी दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दिल्ली-एनसीआर में लग्जरी अपार्टमेंट में फ्लेट देने के नाम पर ठगी करने वाले एक हाईप्रोफाइल गिरोह का पर्दाफाश कर एक बिल्डर व उसके मैनेजर को गिरफ्तार किया है। आरोपी लग्जरी अपार्टमेंट में फ्लेट देने के नाम पर काफी लोगों के साथ ठगी कर चुके हैं। इसने कई कंपनियों बनाकर लोगों से निवेश करवाया और पैसे लेकर गायब हो गया। ये एक ही फ्लेट को कई लोगों को बेच देते थे। आरोपी बिल्डर धार्मिक  संगीत की एलबम बनाता है। यू-ट्यूब पर उसके कई एलबम व धार्मिक संगीत के वीडियो हैं। पुलिस ने दोनों की गिरफ्तारी पर २५-२५ हजार रुपये का इनाम रखा हुआ था। अपराध शाखा के संयुक्त पुलिस आयुक्त धीरज कुमार अपराधियों को पकडऩे के लिए एसीपी आरके साहा की देखरेख में इंस्पेक्टर राजीव कक्कड़, एसआई विनीत, पंकज कुमार व एएसआई अजय कुमार की विशेष टीम बनाई गई। कई महीनों की जांच के बाद एसआई विनीत व एएसआई अजय कुमार की टीम ने गाजियाबाद से  टॉवर नंबर-तीन, सनवल्र्ड वानालिका सेक्टर-१०७ नोएडा यूपी निवासी बिल्डर पवन भड़ाना व उसके मैनेजर मकान नंबर सी-३, सुपरटेक ईको, विलेज-०२, ग्रेटर नोएडा वेस्ट यूपी विाी रविकुमार शुक्ला को नोएडा, यूपी से १९ जनवरी को गिरफ्तार कर लिया।
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आरोपी पवन भड़ाना पूछताछ में खुलासा किया कि उसने वर्ष २००६ में जेपी व डीएलएफ गु्रप जैसे हाईप्रोफाइल उद्यमी बनने के लिए और अपने सपनों को पूरा करने के लिए रियल एस्टेट फर्मों में दलाल के रूप में काम करना शुरू किया। इसके बाद इसने आलीशान जिंदगी जीन के लिए उसने विभिन्न फर्मों / कंपनियों  मेसर्स संपदा रीयलकॉन प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स ड्रीम लैंड हाई-टेक प्रोजेक्ट्स प्रा लिमिटेड, मेसर्स ड्रीम लैंड म्यूजिक प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स ड्रीम लैंड इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड, मेसर्स ड्रीम लैंड प्रमोटर्स एंड कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड, मैसर्स एसपी प्रॉपवर्क्स प्राइवेट लिमिटेड और मेसर्स एएमबी इंफ्रास्ट कंपनियां दिल्ली-एनसीआर में शुरू कीं। वह इन कंपनियों का निदेशक था। रियल एस्टेट फर्म ड्रीमलैंड प्रमोटर्स एंड कंसल्टेंट प्रा. लिमिटेड के जरिए क्रॉसिंग रिपब्लिक, एनएच-24 गाजियाबाद, यू.पी. में परियोजना लागू करने की बात कहकर लोगों से निवेश करवाना शुरू किया। उसने लोगों से १.७५ करोड़ से ज्यादा निवेश करवा लिए और उसके बाद कंपनी बंद कर गायब हो गया। इसके बाद दिल्ली के रणहौला, सरिता विहार और नजफगढ़ आदि थानों में इसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गईं। इसके बाद ये से फरार हो गया था। पुलिस से बचने के लिए बार-बार छिपने की जगह बदलता रहता था और मोबाइल नंबर बदल लेता था।
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------- बिल्डर जैसे कहता था वैसे ही मैनेजर करता था- पुलिस अधिकारियों के अनुसार बिल्डर पवन भड़ाना अपने सारे गैर-कानूनी काम मैनेजर रवि कुमार शुक्ला से करवाता था। रवि कुमार शुक्ला ने खुलासा किया कि वह ड्रीमलैंड प्रमोटर्स एंड कंसल्टेंट प्राइवेट लिमिटेड में नौकरी करता था। वह कंपनी के निदेशकों पवन भड़ाना और संजीव कुमार मावी की मिलीभगत से क्रॉसिंग रिपब्लिक, एनएच -24, गाजियाबाद में स्थित शानदार अपार्टमेंट के नाम पर लोगों से की गई धोखाधड़ी में शामिल था। दिल्ली के अलावा यूपी के विभिन्न थानों में आरोपियों के खिलाफ मामर्ल दर्ज हैं। उसने अपन मोबाइल व पता बदल लिया था पवन भड़ाना की पांच कंपनियां थीं। उसने लोगों ने फ्लेट देने के नाम पर मोटी रकम ठग ली थी।
------ कोर्ट ने भगोड़ा घोषित किया हुआ था- कोर्ट ने नजफगढ़ में वर्ष २०१४ में दर्ज ठगी की एफआईआर में इनको भगोड़ा घोषित किया हुआ था। सरिता विहार के एक मामले में पवन भड़ाना के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो रखे हैं, जबकि सरिता विहार थाने में दर्ज दूसरी एफआइआर की अभी जांच जारी है। रणहौला, दिल्ली में दर्ज एफआईआर में भी आरोपी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हो रखे हैं। ------- पुरुषोत्तम वर्मा
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