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पूर्वी निगम : सदन बैठक में निगम की आर्थिक स्थिति और बकाया को लेकर बहस
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पूर्वी निगम : सदन बैठक में निगम की आर्थिक स्थिति और बकाया को लेकर बहस
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---पक्ष-विपक्ष एक दूसरे पर लगाते रहे आरोप-प्रत्यारोप, नहीं निकला समाधान
नई दिल्ली। पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने मंगलवार को वर्चुअल तरीके से सदन की आम बैठक की। सदन की इस बैठक में निगम की आर्थिक स्थिति और दिल्ली सरकार से मिलने वाले बकाया फंड को लेकर चर्चा हुई।
निगम के सदस्यों ने बैठक में एक दूसरे के खिलाफ आरोप प्रत्यारोप लगाए। पूर्व महापौर निर्मल जैन ने कहा कि निगम कर्मचारियों को करीब 4 माह से वेतन नहीं मिला है। दिल्ली सरकार निगम को बकाया फण्ड नहीं दे रही, जबकि यह दिल्ली सरकार का कर्तव्य है। इस मामले में राजनीति नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने निगम का बकाया दिलाने के लिए नेता विपक्ष को दिल्ली सरकार से बातचीत करने के के लिए कहा। स्थाई समिति अध्यक्ष बीर सिंह पंवार ने कहा कि निगम के पास सीमित संसाधन हैं। सब कुछ टेंडर प्रक्रिया से होता है, इसमें भ्रष्टाचार का सवाल ही नहीं होता।
संजय गोयल ने कहा कि दिल्ली सरकार निगमों के पैसे को दबाकर बैठी है, जिसके कारण कामकाज रुका है। संदीप कपूर ने कहा कि पूर्वी निगम के कर्मचारी पूर्वी दिल्ली के 48 लाख नागरिकों की सेवा में लगे हैं, उनको चार-चार माह से वेतन न मिलना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। दिल्ली सरकार निगम का ख्याल रख पाने में विफल रही है। दिल्ली सरकार निगमों पर चोरी का आरोप लगाती है, जबकि सारा काम टेंडर प्रक्रिया से होता है और सरकार से आवंटित राशि का 90% वेतन देने पर ही खर्च हो जाता है।
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नेता विपक्ष मनोज त्यागी ने कहा कि अपने कर्मचारियों को वेतन नहीं दे पाने के लिए निगम में सत्तापक्ष हमेशा दिल्ली सरकार को जिम्मेदार ठहराता है, जबकि पार्किंग, विज्ञापन, संपत्ति कर जैसे मुद्दों पर भाजपा शासित निगम असफल साबित हुआ है, यह निगम के राजस्व में कमी का बहुत बड़ा कारण है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता के हिस्से का 24000 करोड़ रूपया केन्द्र सरकार जारी करे, ताकि दिल्ली सरकार निगमों को पैसा जारी कर सके।
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आदित्य पाण्डेय
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