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खजूरी खास में कंप्यूटर टीचर ही हो गया साइबर ठगी का शिकार...

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Mon, 17 Jan 2022 06:33 PM IST
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खजूरी खास में कंप्यूटर टीचर ही हो गया साइबर ठगी का शिकार...
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-पीड़ित ने नामी ई-बाइक कंपनी की वेबसाइट सर्च कर उसके कस्टमर केयर नंबर से किया संपर्क, वहां बाइक बुक करने के बाद एक ही दिन में गंवा दिए 90 हजार -आरोपियों ने बेहद चालाकी से पहले बुकिंग अमाउंट, इसके बाद डिलीवरी चार्ज और बाद में कुछ समस्या होने की बात कर रकम ली, साइबर पुलिस थाने में मामला दर्ज भले ही आप कंप्यूटर के बड़े जानकार हैं, उसके बावजूद भी आप ठगी का शिकार हो सकते हैं। खजूरी खास में एक कंप्यूटर टीचर ही साइबर ठगी का शिकार हो गया। पीड़ित ने अपने ससुर को नामी कंपनी की ई-बाइक खरीदने के लिए गूगल पर उसका कस्टमर केयर नंबर सर्च किया। इसके बाद उस नंबर से बात होने पर आरोपियों ने बाइक बुक करने का झांसा देकर पीड़ित से कुछ ही घंटों 90 हजार रुपये ठग लिये। पीड़ित को जब ठगी का अहसास हुआ तो आरोपियों ने अपना मोबाइल बंद कर लिया। इसके बाद मामले की शिकायत साइबर पुलिस स्टेशन में की गई। छानबीन के बाद साइबर पुलिस थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ ठगी का मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस टेक्निकल सर्विलांस की मदद से आरोपियों की तलाश कर रही है। पुलिस के मुताबिक शाहबाज (31) परिवार के साथ गली नंबर-11, खजूरी खास में रहते हैं। वह दिल्ली सरकार के एक स्कूल में कंप्यूटर के शिक्षक हैं। शाहबाज ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उनके ससुर को एक ई-बाइक खरीदना थी। शाहबाज ने सोचा वह अपने ससुर को बाइक गिफ्ट कर देते हैं। यह सोचकर उन्होंने गूगल की मदद से नामी कंपनी के वेबसाइट सर्च की। वहां वेबसाइट पर दिए गए नंबर पर कॉल किया। उस समय किसी ने फोन नहीं उठाया, लेकिन कुछ ही देर बाद उसी नंबर से कॉल आ गई। शाहबाज ने बाइक के बारे  में पूछताछ की तो उसकी कीमत 1.30 लाख रुपये बताई गई। उनसे कहा गया कि सब कुछ ऑन लाइन हो जाएगा। आपके घर बाइक भी पहुंचा दी जाएगी। शाहबाज आरोपियों के झांसे में आ गए। उन्होंने बाइक रजिस्ट्रेशन से संबंधित सभी दस्तावेज आरोपियों को व्हाट्सएप कर दिए। इसके बाद शाहबाज को एक अकाउंट नंबर बताकर उसमें बुकिंग अमाउंट 19999  रुपये डालने के लिए कहा गया।
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बाद में उससे 35000 रुपये डिलीवरी चार्ज के नाम पर ले लिये गए। इसके बाद पीड़ित से कहा गया कि कुछ दिक्कत है, उनको 32 हजार रुपये और देना होंगे। शाहबाज ने ऐसा ही किया। इसके बाद भी आरोपी और रुपये मांगने लगे। इस पर शाहबाज को शक हुआ। वापस कॉल करने पर नंबर बंद मिला। शाहबाज को समझ आ गया कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। उन्होंने मामले की सूचना पुलिस को दी। छानबीन के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
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---- शुजात आलम
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