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दिल्ली गोल्फ क्लब के सांभर हिरणों को असोला भट्टी अभयारण्य में किया जाएगा स्थानांतरित

Amarujala Local Bureau अमर उजाला लोकल ब्यूरो
Updated Sun, 09 Jan 2022 09:47 PM IST
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दिल्ली गोल्फ क्लब के सांभर हिरणों को असोला भट्टी अभयारण्य में किया जाएगा स्थानांतरित
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अमर उजाला ब्यूरो नई दिल्ली, 9 जनवरी दिल्ली गोल्फ क्लब से लगभग 40 सांभर हिरणों के झुंड को असोला भट्टी अभयारण्य में स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए वन विभाग को भी पत्र लिखा गया है। एक अधिकारी के मुताबिक, गोल्फ क्लब के एक सदस्य द्वारा करीब 20 साल पहले सांबर हिरण को गोल्फ क्लब में लाया गया था। समय के साथ- साथ इनकी संख्या में वृद्धि हुई । दिल्ली गोल्फ क्लब के एक अधिकारी के मुताबिक, सांभर हिरण को एक प्राकृतिक वातावरण की आवश्यकता होती है। साथ ही न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप वाला स्थान भी चाहिए होता है। वही, गोल्फ क्लब में कई बार गोल्फ की गेंद एक जानवर से टकराती है, जिससे पूरा झुंड डर जाता है। साथ ही वे घास को भी नुकसान पहुंचाते हैं, जिसके परिणामस्वरूप रखरखाव की लागत बढ़ जाती है। अधिकारी के मुताबिक, सर्दियों के महीनों में हिरण गोल्फ कोर्स में घास खाना शुरू कर देते हैं। इसको देखते हुए लगभग तीन महीने पहले गोल्फ क्लब ने दिल्ली वन और वन्यजीव विभाग से संपर्क कर झुंड को असोला अभयारण्य में स्थानांतरित करने का अनुरोध किया था। अधिकारियों का कहना है कि 2010 और 2019 के बीच राजस्थान के वन विभाग ने कई सांभर हिरणों को गोल्फ क्लब से रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान के क्षेत्रों में स्थानांतरित किया था। वहीं, दिल्ली वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, दक्षिण डिविजन की एक टीम ने हिरणों पर डाटा एकत्र किया है। उनके व्यवहार पर नजर रखने के लिए 10 कैमरा ट्रैप लगाए हैं। अधिकारी ने कहा कि हम हिरणों के समूह की गतिशीलता की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं। गोल्फ क्लब में हिरणों को आपसी लड़ाई से होने वाली मौतों को रोकने के लिए और जगह की जरूरत है। वहीं, सेंचुरी में भी हिरण की आवश्यकता है। अधिकारी ने कहा कि इससे सेंचुरी में मौजूद तेंदुओं के शिकार में भी वृद्धि होगी।
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अधिकारियों के मुताबिक, हाल ही में सेंचुरी में धारीदार लकड़बघ्घा भी देखा गया था जो कि करीब सात साल में पहली बार देखा गया था। विभाग ने कैमरा ट्रैप द्वारा खींची गई छवियों के माध्यम से सेंचुरी में दो तेंदुओं की उपस्थिति की पुष्टि की थी। साथ ही विभाग ने जानवरों की गणना करने के लिए सेंचुरी में लगभग 30 कैमरा ट्रैप लगाए गए थे।
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--------- किशन कुमार
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