ई-वाहन पॉलिसीः दोपहिया वाहनों पर प्रति किलोवाट पांच हजार रुपये की सब्सिडी देगी केजरीवाल सरकार
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ई-वाहन पॉलिसी की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली सरकार इलेक्टिक वाहनों की खरीद पर सब्सिडी भी देगी। यह सब्सिडी बैट्री की किलोवॉट पर मिलेगी। यदि कोई दोपहिया वाहन खरीदता है, तो उसे 5 हजार रुपये प्रति किलोवॉट पर सब्सिडी मिलेगी। यदि कोई पुराने दोपहिया वाहनों को स्क्रैप करके इलेक्टिक में शिफ्ट करता है तो उसे 5 हजार रुपये तक की प्रोत्साहन राशि मिलेगी। ओला या उबर जैसी सेवा प्रदाता कंपनी यदि इलेक्ट्रिक दो पहिया टैक्सी शुरू करती हैं, तो उनके लिए विशेष प्रावधान किया गया है। फूड डिलीवरी, कोरियर, कामर्स लॉजिस्टिक में इस्तेमाल होने वाले वाहनों की संख्या मार्च 2023 तक 50 फीसदी व 2025 तक 100 फीसदी करने का लक्ष्य रखा गया है।
केजरीवाल ने बताया कि इलेक्टिक ऑटो, ई-रिक्शा और ई-कैरियर्स की खरीद पर 30 हजार रुपये की सब्सिडी दी जाएगी। उनको लोन मुहैया कराया जाएगा और लोन पर भी 5 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाएगी। चार पहिया वाहनों की खरीद में 10 हजार रुपये प्रति किलोवॉट या अधिकतम 1.5 लाख तक की सब्सिडी मिलेगी। केजरीवाल ने बताया कि एक साल में सरकार की ओर से लिए खरीदे जाने वाले सभी वाहन इलेक्ट्रिक होंगे।
केजरीवाल ने बताया कि इसके लिए बड़े स्तर पर प्राइवेट चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। बिल्डिंग बॉयलॉज में बदलाव होगा। नई पार्किंग में कम से कम 20 प्रतिशत जगह पर इलेक्टिक वाहनों को चार्ज करने की सुविधा होगी। घरों व कार्य स्थल पर कोई भी इलेक्टिक चार्जिंग लगवाना चाहे, तो वह डिस्कॉम के जरिये लगवा सकता है। इसके लिए विशेष प्रावधान व मैकेनिज्म विकसित किया गया है। पब्लिक चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाया जाएगा। सरकार का मकसद है कि जल्द से जल्द से इतने बड़े स्तर पर ढांचा तैयार किया जाए कि हर तीन किलोमीटर पर इलेक्टिक वाहनों को चार्जिग की सुविधा मिल सके।
बनेगा ई-वाहन सेल व बोर्ड
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार डेडिकेटेड ई-वाहन सेल बनाएगी। इसकी फंडिंग पॉल्यूशन सेस, रोड टैक्स, इनवायरमेंट कंप्लसेशन चार्ज से जुटाया जाएगा। एक अलग से ईवी फंड बनेगा। वहीं, ईवी बोर्ड का गठन कर ई-वाहन पॉलिसी को लागू करवाया जाएगा।
ई-ऑटो के लिए परमिट की लिमिट नहीं
केजरीवाल ने बताया कि ई-ऑटो के लिए अब ओपन परमिट सिस्टम लागू होगा। ऑटो परमिट का पुराना सिस्टम बदला जाएगा। अभी जारी होने वाले परमिट की संख्या तय होती है, लेकिन ई-ऑटो के लिए ऐसी लिमिट नहीं होगी। लाइसेंस और बैज होने पर ई-ऑटो खरीदकर दिल्ली में चला सकेंगे। इसके लिए 30,000 रुपये तक की सब्सिडी और सस्ती दरों पर लोन की सुविधा मिलेगी। दिल्ली फाइनेंस कॉरपोरेशन से ई-ऑटो के लिए 5 फीसदी कम ब्याज पर लोन दिलवाया जाएगा। ई-रिक्शा के लिए 30 हजार तक की सब्सिडी दी जाएगी।
रजिस्ट्रेशन, रोड टैक्स से 100 फीसदी छूट
ई-पॉलिसी के मसौदे में एक बड़ा प्रावधान यह है कि ई-ऑटो, इलेक्ट्रिक मालवाहक गाड़ी समेत सभी श्रेणी के ई-वाहन खरीद पर रजिस्ट्रेशन फीस, रोड टैक्स 100 फीसदी माफ होगा।