जेएनयू के छात्रों ने कैंपस में निकाला मशाल जुलूस,जाने क्या हैं उनके गुस्से की वजह
जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय कैंपस में अनिवार्य हाजिरी मामले में छात्रों और विश्वविद्यालय प्रबंधन के बीच विरोध बढ़ता जा रहा है।
छात्रसंघ ने रविवार देर शाम मशाल जुलूस निकालकर कुलपति प्रो. एम जगदीश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अनिवार्य हाजिरी का फैसला वापस लेने की मांग रखी।
वहीं, जेएनयू प्रबंधन ने छात्रों को सर्कुलर जारी कहा कि अनिवार्य हाजिरी का फैसला एकेडमिक काउंसिल में पास हुआ है, जिसमें सभी विभागों व सेंटर की सहमति थी।
इसलिए विरोध प्रदर्शन के बहाने जो जबरदस्ती कक्षाओं को बंद न करवाएं। जेएनयू छात्रसंघ ने गंगा ढाबा से मशाल जुलूस निकालने की कॉल की थी, जिसमें हजारों की संख्या में छात्रों व शिक्षकों ने भाग लिया।
गंगा ढाबा के बाहर रात साढ़े नौ बजे के बाद मशाल जुलूस शुरू हुआ, जिसमें छात्रों ने हाथों में मशाल जलाकर अनिवार्य हाजिरी का फैसला वापस लेने की मांग रखी।
यह जूलूस गंगा ढाबा से शुरू होकर कुलपति कार्यालय तक पहुंचा। यहां छात्रों ने मशाल जलाते हुए विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कुलपति अपनी मनमर्जी के फैसले छात्रों पर थोप रहे हैं, जोकि गलत है। इस अन्याय के खिलाफ हम आवाज उठाएंगे।
उधर, विश्वविद्यालय प्रबंधन ने नोटिस में लिखा है कि कुलपति कार्यालय के नीचे किसी भी तरह के धरने प्रदर्शन, रैली या जुलूस निकालने की मनाही है।
यदि कोई छात्र विश्वविद्यालय के नियमों का उल्लंघन करता है, उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।