JNU: एफआईआर के बाद सीट कम करने पर कुलपति से पूछे ये 13 सवाल
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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के एडमिन ब्लॉक पर कब्जा जमाए छात्रों पर जेएनयू प्रशासन ने एफआईआर दर्ज कराई है। इससे नाराज प्रदर्शनकारी छात्रों का नेतृत्व कर रहे जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संगठन (जेएनयूएसयू) ने कुलपति पर सीधा हमला बोला है।
उनसे यूजीसी नोटिफिकेशन, सीट कम करने समेत एमफिल और पीचएडी की इनटेक सीटों को लेकर कुल 13 सवाल पूछे हैं साथ ही कुलपति पर जेएनयू छात्रों में भ्रम फैलाने व मीडिया में गलत खबर फैलाने का भी आरोप लगाया है।
जेएनयू ने मीडिया में बयान जारी किया है कि जहां देश में पहले ही उच्च शिक्षा की दर बेहद कम है। वहीं जेएनयू एक ऐसा संस्थान है जहां देश के पिछड़े इलाके से आने वाले छात्रों का स्वागत करता है।
जेएनयू ही ऐसी जगह जहां छात्रों को किसी भी मुद्दे पर बोलने की आजादी है
इस विभिन्नता के चलते ही सामूहिक प्रयास से जेएनयू की विश्वसनीयता बढ़ी है साथ ही लोकतांत्रिक व्यवस्था बनी हुई है। जेएनयू ही ऐसी जगह जहां छात्रों को किसी भी मुद्दे पर बोलने की आजादी है। अपना पक्ष रखने का अधिकार देता है।
जेएनयूएसयू ने आरोप लगाया है जेएनयू की इसी ताकत को मौजूदा कुलपति खत्म करना चाहते हैं। वह यूजीसी की अधिसूचना को आधार बनाकर एमफिल और पीएचडी के सीटों की संख्या कम कर रहे हैं।
वैधानिक कमेटियों की उपेक्षा कर वह जेएनयू के रिसर्च प्रोग्राम को बंद करना चाहते हैं। यही नहीं जेएनयूएसयू ने इन आरोपों के साथ उनसे इसी मुद्दे को लेकर कुलपति से सवाल भी पूछे हैं।
जेएनयूएसयू ने कुलपति से दो तरह की बातें करने और एफआईआर पर सवाल पूछा है। यही नहीं बीते 12 फरवरी को कुलपति की ओर से ट्वीट करना की सीटों की संख्या कम नहीं हुई, बाद में फिर दूसरी बातें कहने पर भी सवाल पूछा है।
इसके अलावा छात्रों पर दर्ज कराई एफआईआर का कारण और शिक्षकों की ओर से भी इसी मुद्दे पर मार्च करने पर भी कुलपति का घेरा है।