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12 सितंबर को ही होगा DUSU चुनाव, एनएसयूआई की मांग खारिज 

Mon, 11 Sep 2017 05:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 11 Sep 2017 05:31 PM IST
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dusu elections to be held on twelve september nsui demand rejected
डूसू चुनाव - फोटो : अमर उजाला
दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव (डूसू) 2017 की चुनाव तिथि नहीं बढ़ाई जाएगी। डूसू चुनाव कार्यालय ने तिथि बढ़ाने से इंकार कर दिया है। कार्यालय ने कहा है कि वह लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के मुताबिक 56 दिन के भीतर चुुनाव कराने को बाध्य हैं। अध्यक्ष पद के उम्मीदवार रॉकी तुषीड को प्रचार के लिए समय नहीं मिल पाने के कारण एनएसयूआई ने चुनाव कार्यालय से चुनाव तिथि बढ़ाने की मांग की थी।
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चुनाव कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, नए सत्र 20 जुलाई से 13 सितंबर तक 56 दिन होते हैं। लिंगदोह कमेटी की सिफारिशें कहती हैं कि इस समय सीमा के भीतर चुनाव संपंन्न कराने होतेे हैैं। कार्यालय समिति के दिशा निर्देशों को मानने के लिए बाध्य है। ऐसे में चुनाव तिथि को बढ़ाना संभव नहीं है।
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एनएसयूआई का कहना है कि चुनाव समिति की लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों के अनुसार निष्पक्ष चुनाव कराने की भी जिम्मेदारी है। मुख्य चुनाव अधिकारी के मनमाने पूर्ण निर्णय के कारण उम्मीदवार का नाम नामांकन सूची में शामिल नहीं किया गया था।
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इस कारण उम्मीदवार को कोर्ट जाना पड़ा और वहां से राहत मिली। इस कारण से उसे प्रचार के लिए समय नहीं मिल पाया। डूसू इतिहास में शायद यह पहला अवसर होगा जब अध्यक्ष पद के उम्मीदवार को प्रचार के लिए महज एक दिन मिल पाया है।

प्रधानमंत्री का भाषण आचार संहिता का उल्लंघन : एनएसयूआई 

dusu elections to be held on twelve september nsui demand rejected
डूसू चुनाव - फोटो : अमर उजाला

एनएसयूआई का कहना है कि यूजीसी ने भी शिक्षण संस्थानों को 11 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण को ब्रॉडकास्ट करने को कहा है। इसमें प्रधानमंत्री छात्र नेताओं को संबोधित करेंगे।

यूजीसी ने सभी यूनिवर्सिटी से कहा है कि ऑडिटोरियम में या ऑडियो विजुअल रूम में स्टूडेंट्स को इकट्ठा कर यह संदेश सुनाया जाए। एनएसयूआई का कहना है कि 12 सितंबर को चुनाव है और प्रचार खत्म हो चुका होगा तो ऐसे में इस ब्रॉडकास्ट से आचार संहिता का उल्लंघन होगा। 

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